इन वजहों से नीलाम होने वाला है बिहार सचिवालय, कंपनी द्वारा केस करने पर कोर्ट ने दिए नीलामी के आदेश
पटना। बिहार सरकार का हेडक्वार्टर यानि राज्य सचिवालय नीलाम होने जा रहा है। कोर्ट ने इसकी नीलामी के आदेश भी दे दिए हैं। कोर्ट के आदेश पर सचिवालय की दीवार पर इसकी नोटिस चिपका दी गई है। आपको बता दें कि सिंचाई भवन भी सचिवालय के अधीन आता है। इसमें राज्य के बिजली मंत्री का कार्यालय भी होता है।

पटना सिविल कोर्ट के कर्मचारी आज राज्य सचिवालय के सिंचाई भवन वाले हिस्से में पहुंचे। कोर्ट के नाजिर ने सिंचाई भवन के गेट पर वो नोटिस चिपका दिया जो पटना के सब जज-1 ने जारी किया है। इस नोटिस में सिंचाई भवन को अटैच यानि जब्त करने की सूचना दी गई है। सिंचाई भवन राज्य सचिवालय का ही एक हिस्सा है। जिसमें जल संसाधन विभाग के मंत्री और प्रधान सचिव के साथ-साथ बिजली मंत्री बैठते हैं। इसी भवन में सरकारी खजाना यानि कोषागार भी है।
दरअसल सब जज-1 ने ये नोटिस केम्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी द्वारा किए गए केस में जारी किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक मोहन कुमार खंडेलवाल ने कोर्ट में केस किया था। इस केस में सिंचाई विभाग द्वारा ठेका पर काम देने के बाद पेमेंट नहीं करने का आरोप लगाया गया था। सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष रखने में ढ़िलाई बरती, नतीजतन कोर्ट ने सिंचाई भवन को जब्त कर नीलाम करने का आदेश दे दिया।
जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण ने सब जज कोर्ट की नोटिस को गलत बताया है। प्रधान सचिव के मुताबिक केम्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट इसमें आखिरी फैसला सुनाएगा। कंपनी के संचालकों ने जिला कोर्ट में गलत जानकारी देकर अपने पक्ष में फैसला करवा लिया है। इसपर सरकार जरूरी कानूनी कार्रवाई करेगी.
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