बिहार: 2019 में भाजपा की 25 सीटों पर लड़ने की योजना, नीतीश को देगी 9 सीट

पटना। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को बिहार इकाई के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक करते हुए मिशन 2019 को लेकर कई दिशा निर्देश दिए। इस बैठक में बिहार को लेकर विशेष चर्चा की गई और मिशन 2019 की तैयारी के साथ साथ गठबंधन के नेताओं को भी दिशा निर्देश दिए गए। आपको बताते चलें बिहार में जब से NDA गठबंधन की सरकार बनी है तब से पहली बार बीजेपी की तरफ से यह बैठक बुलाई गई है। इसके साथ ही इस बैठक में और भी कई मुद्दे पर चर्चा हुआ जिस में सबसे अहम मिशन 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारा और जातीय समीकरण पर भी बात की गई। वहीं 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में राजद कांग्रेस गठबंधन को कमजोर करने पर भी चर्चा किया गया।

बिहार: 2019 में भाजपा की 25 सीटों पर लड़ने की योजना, नीतीश को देगी 9 सीट

सूत्रों की अगर मानें तो इस बैठक में सीट बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई जिसमें ऐसा कहा गया कि वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी की नजर बिहार में 25 सीटों पर है। पर चुनाव के वक्त सीट बंटवारा को लेकर सियासी उलझने भी आती है जिसको लेकर मंथन किया जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि जेडीयू और बीजेपी के बीच 2009 लोकसभा चुनाव के बंटवारे का फार्मूला अब 2019 में विपरीत हो जाएगा। जहां 2009 में जेडीयू 25 और बीजेपी 15 सीटों पर अपना उम्मीदवार खड़ा का चुनाव लड़ी थी वही अब जेडीयू को कम सीट मिलेंगे।

जेडीयू के खाते में 9 से 12, लोजपा के खाते में 4, और रालोसपा के खाते में 2 सीटों के बंटवारे को लेकर विचार विमर्श किया जा रहा है। इसके अलावा गठबंधन के कई नेता सीधे बीजेपी में शामिल होने की फिराक में लगे हुए हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि रालोसपा के जहानाबाद सांसद अरुण कुमार आने वाली लोकसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट से चुनाव लड़ने की फिराक में लगे हुए हैं तो लोजपा के वैशाली से सांसद रामा किशोर सिंह और खगरिया के सांसद महबूब अली कैसर पार्टी को छोड़ दूसरी पार्टी का दामन थामने की फिराक में लगे हुए हैं। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी के द्वारा अपने सहयोगी पार्टियों के सामने 23 से 25 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के द्वारा बीजेपी में शामिल हो जाने का ऑफर मिल चुका है। जीतन राम माझी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से अपने बेटे संतोष मांझी को एमएलसी बनाकर बिहार के मंत्री परिषद में शामिल करने की कोशिश में लगे हुए है। ऐसा कहा जा रहा है कि जीतन राम मांझी के द्वारा की जा रही इस मांग को सही वक्त का इंतजार है और लोकसभा चुनाव के करीब होने पर इस पर सही फैसला लिया जा सकता है। दूसरी तरफ जीतन राम मांझी को गवर्नर बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

इस बैठक में यह फैसला लिया गया की लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अमित शाह अक्टूबर या नवंबर में बिहार आएंगे तथा विभिन्न वर्गों की बैठक कर मिशन 2019 की उपलब्धि का मंत्र बताएंगे। जहां जातीय समीकरण सियासत को देखते हुए बीजेपी के हर नेता को टास्क सौंपा जाएगा। और ग्राउंड लेवल से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करते हुए सहयोग के साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए सीट का फार्मुला तय किया जाएगा। आपको बताते चलें कि वर्ष 2014 के आम चुनाव में बिहार में भाजपा 22 सीटें जीती थीं और उनके सहयोगियों के खाते में कुल 9 सीट गए थे। और उस चुनाव में जदयू की करारी हार हुई थी जहां 40 सीटों में मात्र 2 सीट पर उनके उम्मीदवार जीते थे।

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