ADR Report: सबसे अमीर, सबसे गरीब और सबसे युवा MLA कौन? 53% विधायक कर रहे आपराधिक मामलों का सामना
ADR Report: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जारी एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट बताती है कि इस बार राज्य की नई विधानसभा कई मायनों में बदली हुई है, चाहे वह विधायकों की उम्र हो, महिलाओं का प्रतिनिधित्व हो या फिर उम्मीदवारों की औसत संपत्ति।
आपराधिक मामलों में कमी, लेकिन गंभीर केस अब भी बड़े पैमाने पर
हालांकि एक आंकड़ा अब भी चिंता की लकीरें खींचता है कि 243 विधायकों में से 130 यानी 53% के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन यह प्रतिशत पिछले चुनाव की तुलना में कम हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में 163 विधायक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 130 रह गई है। यह 2010 के बाद का सबसे कम आंकड़ा है।

सदन के 102 विधायक गंभीर मुकदमों जिनमें (हत्या, हत्या की कोशिश, महिलाओं के विरुद्ध अपराध शामिल हैं) का सामना कर रहे हैं। प्रमुख दलों में भाजपा के 54, जदयू के 31, राजद के 18 और लोजपा (रामविलास) के 11 विधायकों पर मामले चल रहे हैं। जदयू के वरिष्ठ नेता अनंत सिंह पर सबसे ज्यादा 28 मामले लंबित हैं, फिर भी वे जेल में रहते हुए मोकामा से विजयी हुए।
महिलाओं की मौजूदगी बढ़ी, लेकिन राजनीति में अब भी कम प्रतिनिधित्व
महिलाओं ने इस चुनाव में मतदान और समर्थन के स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे एनडीए की प्रचंड जीत का रास्ता साफ हुआ। इसके बावजूद नई विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या सिर्फ 29 है, जो पिछले सदन के 26 से तीन अधिक है, लेकिन 2010 के 34 के मुकाबले गिरावट अब भी साफ दिखती है।
जीतने वाली 29 महिलाओं में 26 एनडीए से हैं, जबकि आरजेडी से तीन महिलाएं पहुंची हैं। भाजपा और जदयू, दोनों ने 13-13 महिलाओं को टिकट दिया था, जिनमें से 10-10 विजयी रहीं। भाजपा की युवा उम्मीदवार भोजपुरी गायिका मैथिली ठाकुर, जो 25 वर्ष की हैं, इस बार विधानसभा की सबसे युवा सदस्या बनी हैं।
युवा विधायक कम, वरिष्ठों का दबदबा बरकरार
इस बार 111 विधायकों ने दोबारा जीत हासिल की है, लेकिन नया सदन उम्र के लिहाज़ से पहले की तुलना में थोड़ा विविध दिखता है। जेडीयू के 79 वर्षीय बिजेंद्र प्रसाद यादव सबसे वरिष्ठ विधायक बने हैं, जबकि 30 वर्ष से कम उम्र के विधायकों की संख्या सिर्फ 33 है। इसके उलट 72 विधायक 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। लोजपा (रामविलास) के विधायकों की औसत आयु सबसे कम 46 वर्ष और भाजपा तथा कांग्रेस के विधायकों की औसत आयु सबसे अधिक 55 वर्ष दर्ज की गई है।
विधायकों की संपत्ति दोगुनी, सबसे अमीर विधायक भाजपा के कुमार प्रणय
एडीआर रिपोर्ट में एक और दिलचस्प बदलाव विधायकों की संपत्ति में दिखता है। पिछली विधानसभा में सदस्यों की औसत संपत्ति 4.32 करोड़ रुपये थी, जो इस बार बढ़कर 9.02 करोड़ रुपये हो गई है, यानी लगभग दोगुनी से ज्यादा। सबसे अमीर विधायक भाजपा के कुमार प्रणय (मुंगेर) हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 170.82 करोड़ रुपये है। वहीं सबसे कम संपत्ति वाले विधायक भी भाजपा के ही मुरारी पासवान (पीरपैंती) हैं, जिनकी संपत्ति मात्र 6.5 लाख रुपये बताई गई है।
बिहार की नई विधानसभा बदली लेकिन चुनौतियाँ वही
एडीआर की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि बिहार की राजनीति में बदलाव की कुछ नई परतें दिखने लगी हैं, महिलाओं की मौजूदगी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है, युवा चेहरे सामने आ रहे हैं और आर्थिक रूप से विधायक पहले से कहीं ज्यादा संपन्न हो चुके हैं। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की बड़ी संख्या अब भी लगभग उसी गंभीरता के साथ मौजूद है। यह चुनाव परिणाम भले ही राजनीतिक संतुलन बदल गया हो, लेकिन राजनीतिक शुचिता और सुधारों की दिशा में अभी लंबी यात्रा बाकी है।












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