दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची 13409 डॉउन किऊल-मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस, इस वजह से हुआ हादसा

जमालपुर रेल खंड के सुल्तानगंज के ओवर ब्रिज के पास हुई घटना की वजह से क़रीब 50 मिनट तक रेल रूट बाधित रहा । वहीं यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

बिहार रेल हादसा

Train Accident Bhagalpur: बिहार के भागलपुर ज़िले में 13409 डॉउन किऊल-मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। चश्मदीदों ने बताया कि ट्रेन दो भागों में बंट गई, ट्रेन की चार बोगियां पीछे रह गई और कुछ बोगियों इंजन के साथ आगे बढ़ती चली गई। क़रीब 100 मीटर दूर जाने के बाद इंजन को रोका गया। ठहरी हुई बॉगी में बैठे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया लोग जान बचाने के लिए जैसे-तैसे बॉगियों से उतरने लगे।

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    दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची ट्रेन

    दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची ट्रेन

    इंजन रोकने के बाद ट्रेन की बोगियों को जोड़ा। जमालपुर रेल खंड के सुल्तानगंज के ओवर ब्रिज के पास हुए घटना से करीब 50 मिनट तक ट्रेनों का रूट बाधित रहा। सुल्तानगंज स्टेशन मास्टर दीपक कुमार को दुर्घटना की जानकारी मिली तो वह मालदा इंटरसिटी रेल के इंजीनियरों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। रेल इंजीनियर की मदद से बॉगियों को जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया। इसके बाद सुल्तानगंज-जमालपुर रेल खंड पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई।

    इस वजह से हुआ हादसा

    इस वजह से हुआ हादसा

    ट्रेन में मौजूद यात्रियों की मानें तो बॉगियों को जोड़ने वाली कपलिंग खुलने की वजह से यह हादसा हुआ। इस कारण पीछे की चार बोगियां ट्रेन से अलग हो गई और बाकी बॉगियां इंजन के साथ आगे निकलते चली गई। गॉर्ड ने लोको पायलट को तुरंत घटना की जनकारी दी, जिसके बाद करीब 100 मीटर की टूरी पर इंजन को रोका गया और वापस लाकर सभी बॉगियों को जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया।

    स्थानीय लोगों ने लगाए आरोप

    स्थानीय लोगों ने लगाए आरोप

    स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर ट्रेन की रफ्तार धीमी नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं कुछ लोगों ने इसे रेलवे की बड़ी लापरवाही बताई है। उनका कहना है कि जिस स्टेशन से ट्रेन को सफर के लिए रवाना किया जाता है, उस स्टेशन पर ट्रेन चलने से पहले सारे कपलिंग और अन्य चीज़ों को चेक कर के रवाना करना चाहिए। अक्सर यही देखने को मिलता है कि गंतव्य पर पहुंचने के बाद ट्रेन की साफ सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ती की जाती है। ट्रेन को यात्रा पर रवाना करने से पहले सारी चीज़ों की जांच नहीं की जाती है।

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