Odisha Road Mishaps पर फॉरेंसिक स्टडी होगी, हादसों पर 10 दिन में रिपोर्ट न देने पर सख्त एक्शन
Odisha Road Mishaps पर फॉरेंसिक अध्ययन किया गया है। स्टडी में ओडिशा में बड़े सड़क हादसों के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया है।
Odisha Road Mishaps के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा में हर साल 10,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। लगभग 48 प्रतिशत मौतें ओडिशा में होती हैं। ये देश में सबसे अधिक है। पिछले पांच वर्षों में राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 25,257 लोगों की जान गई है। इस मुद्दे पर लगातार निगरानी रखने वाली सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने ओडिशा को हादसों घटाकर 10 फीसदी करने का निर्देश दिया है। परिवहन विभाग सभी बड़े सड़क हादसों की फॉरेंसिक जांच के लिए नया ढांचा तैयार कर रहा है।

सड़क दुर्घटना जांच के लिए तीन सदस्यीय दल बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें पुलिस के सदस्य, सड़क मालिक एजेंसी के एक इंजीनियर और परिवहन विभाग के एक तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। जांच अधिकारी सहायक पुलिस उप-निरीक्षक (एएसआई) के पद से नीचे का नहीं होना चाहिए। दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर जांच शुरू होगी। सड़क सुरक्षा और परिवहन आयुक्त कार्यालय की प्रमुख एजेंसी को सूचित करने के बाद। जांच इंजीनियर दुर्घटना के लिए जिम्मेदार मानव, वाहन, बुनियादी ढांचे और पर्यावरणीय कारकों की भी जांच करेगा।
2017 से 2021 के बीच में 53,982 दुर्घटनाएं; 25,257 लोगों की मौत, 52,769 लोग घायल
- 2021 में 5081 लोगों की मौत
- 2020 में 4,738 मौत
- 2019 में सबसे ज्यादा 5,333 लोगों की मौत
- 2018 में 5315 लोगों की मौत
- 2017 में 4,790 लोगों की मौत सड़क हादसों के कारण हुई।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, 10 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट पेश करना होगा। यदि अधिकारी समय पर कार्रवाई करने में विफल रहे तो सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन नहीं करने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।












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