ओडिशा के शहरी विकास में सबसे आगे है मिशन शक्ति स्वयं सहायता समूह
भुवनेश्वर, सितंबर 13। मिशन शक्ति स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और शहरी और आवास विकास विभाग के बीच एक जीवंत और प्रभावी साझेदारी अब राज्य में समुदाय केंद्रित और महिलाओं के नेतृत्व वाले शहरी विकास मॉडल को चला रही है। एक ठेकेदार से सामुदायिक जुड़ाव मॉडल पर सरकार के फोकस में बदलाव के परिणामस्वरूप राज्य में 16,000 से अधिक मिशन शक्ति महिलाओं ने एसएचजी और अन्य कमजोर समूहों को सशक्त बनाया गया है। ये समूह अब सेवा वितरण और शहरी विकास कार्यक्रमों की एक श्रृंखला में भागीदारों के रूप में शामिल हैं।

यह समूह अब सेवा वितरण और शहरी विकास कार्यक्रमों की एक श्रृंखला में भागीदारों के रूप में शामिल हैं। इनमें सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, जल आपूर्ति से लेकर सब्सिडी वाले भोजन कार्यक्रम और आजीविका उत्पादन तक के कई कार्यक्रम शामिल हैं।
आवास और शहरी विकास मंत्री श्री प्रताप जेना ने कहा, 'मिशन शक्ति महिला SHGs के माध्यम से शहरी सेवाओं के वितरण में सामुदायिक जुड़ाव अब एक गैर-परक्राम्य एजेंडा है। इसके चलते कार्यक्रमों में महिलाओं के नेतृत्व वाली सामुदायिक पहल, महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और उभरती अर्थव्यवस्था के लिए उद्यमिता विकास को बढ़ावा मिला है।'
13,500 से अधिक मिशन शक्ति स्वसहायता समूह अब शहरी रोजगार सृजन योजना मुख्यमंत्री कर्म तत्पर अभियान (MUKTA) को क्रियान्वित करने में कार्यान्वयन भागीदारों और कार्यान्वयन एजेंसियों के रूप में कार्य कर रहे हैं। यह एक समुदाय संचालित योजना है, जिसे महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए केंद्र स्तर पर ले जाने के लिए बनाया गया है। यहां 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं को सीधे मिशन शक्ति समूहों और उनके संघों के माध्यम से कार्यान्वयन एजेंसियों के रूप में संचालित किया जा रहा है। मुक्ता के तहत, मिशन शक्ति समूहों के माध्यम से कई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इनमें पिछले 15 महीनों में राज्य के 114 ULBs में शहर के सौंदर्यीकरण और खुले स्थान का विकास शामिल है। महत्वपूर्ण रूप से, एसएचजी ने हाल ही में राज्य भर में 10,000 वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।












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