ओडिशा: कोरोना संक्रमित युवक को मौत के बाद नहीं मिले चार कंधे, बेटों को स्कूटी पर ही ले जाना पड़ा शव
भुवनेश्वर, मई 1। लोगों के अंदर कोरोना का डर इस कदर बैठ गया है कि वो मानवता को भूलते जा रहे हैं। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के एक गांव से सामने आई है, जहां दो बेटे अपने पिता के शव को स्कूटी पर डालकर अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा रहे हैं। पिता की मौत कोरोना की वजह से हुई थी, जिसके बाद गांव वालों ने मदद करने से इनकार कर दिया। गांव वालों में संक्रमण फैलने का डर था। श्मशान तक ले जाने के लिए चार कंधों की जरूरत थी, लेकिन दो बेटे होने की वजह से शव को स्कूटी पर ले जाया गया।

अंतिम संस्कार के लिए नहीं मिले चार कंधे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव बेहरा करीब एक सप्ताह पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें घर में आइसोलेट कर दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी संक्रमण के कारण मौत हो गई। इसके बाद उद्धव के दोनों बेटों ने गांववालों से कंधा देने के लिए कहा, लेकिन एक भी गांववाला आगे नहीं आया। बिना किसी विकल्प के उनके बेटों और भतीजे ने पीपीई किट पहनी, शरीर को एक प्लास्टिक की थैली में बांधा और उन्हें स्कूटी पर गांव से कुछ किलोमीटर दूर श्मशान में ले गए, जहां ले जाकर उनका अंतिम संस्कार किया।
आंध्र प्रदेश से भी सामने आई थी ऐसी घटना
आपको बता दें कि इसी तरह की एक तस्वीर कुछ दिन पहले आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम से सामने आई थी। हालांकि यहां प्रशासन की लापरवाही की वजह से एक महिला के शव को बाइक पर लादकर श्मशान ले जाना पड़ा। दरअसल, यहां 50 वर्षीय एक महिला में कोविड के लक्षण दिखाई दिए थे, उसने टेस्ट कराया था, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल से उन्हें ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली तो महिला के परिजन बाइक पर उनके शव को घर ले गए।












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