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MP News: महिला एवं बाल विकास अधिकारी रामप्रवेश तिवारी 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर उज्जैन लोकायुक्त इकाई ने देवास जिले के बागली में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी रामप्रवेश तिवारी को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

आरोपी ने एक कंप्यूटर ऑपरेटर से उसके पद पर बने रहने के एवज में दो महीने के लिए 18,000 रुपये की मांग की थी। पहले 4,000 रुपये ले चुके तिवारी को आज देवास रेलवे स्टेशन रोड पर शेष राशि लेते पकड़ा गया। यह ट्रैप कार्यवाही लोकायुक्त की इस साल की 50वीं से अधिक बड़ी कार्रवाई है, जो भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाती है।

Women and Child Development Officer Rampravesh Tiwari was caught red-handed taking a bribe of Rs 5 000

इस घटना ने सरकारी विभागों में घूसखोरी की समस्या को फिर उजागर किया है, जहां छोटे कर्मचारी भी अधिकारियों की मनमानी के शिकार हो रहे हैं। वनइंडिया हिंदी की विशेष रिपोर्ट में जानिए घटना का पूरा विवरण, लोकायुक्त की ट्रैप स्ट्रैटेजी, आरोपी का बैकग्राउंड और भ्रष्टाचार पर सरकार की सख्ती।

ट्रैप कार्यवाही का पूरा घटनाक्रम: शिकायत से गिरफ्तारी तक

आवेदक प्रीतेश तंवर (निवासी बागली, देवास) महिला एवं बाल विकास विभाग के बागली कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करते हैं। उन्हें प्रपत्र टाइपिंग, ईमेल और ऑनलाइन सेंटर-फोटोकॉपी कार्यों के लिए मासिक 9,000 रुपये मिलते हैं। लेकिन परियोजना अधिकारी रामप्रवेश तिवारी ने उन्हें लगातार काम करने देने और दूसरा ऑपरेटर न रखने के बदले 18,000 रुपये (दो महीने का) की रिश्वत मांगी।

- शिकायत: 4 दिसंबर 2025 को प्रीतेश तंवर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद यादव से शिकायत की। पूछताछ में पता चला कि तिवारी ने पहले 4,000 रुपये ले लिए थे और शेष 5,000 रुपये की मांग कर रहे थे।
- ट्रैप प्लान: लोकायुक्त ने शिकायत की सत्यापन के बाद ट्रैप टीम गठित की। आवेदक को 5,000 रुपये की राशि देकर भेजा गया।
- गिरफ्तारी: आज (10 दिसंबर 2025) देवास रेलवे स्टेशन रोड पर तिवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए। टीम ने मौके पर ही राशि जब्त की और तिवारी को गिरफ्तार किया।
- कोर्ट: आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच DSP दिनेशचंद पटेल के नेतृत्व में जारी है।

लोकायुक्त SP आनंद यादव ने कहा, "यह ट्रैप DG योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों का नतीजा है। विभाग में घूसखोरी की शिकायतें बढ़ रही हैं, हम जीरो टॉलरेंस के साथ कार्रवाई कर रहे हैं।"

लोकायुक्त टीम की सराहनीय भूमिका: सटीक प्लानिंग से सफल ट्रैप

  • ट्रैप टीम में शामिल थे:
  • - DSP दिनेशचंद पटेल
  • - निरीक्षक हीना डावर
  • - आरक्षक उमेश जाटव
  • - सहायक ग्रेड-3 रमेश डावर
  • - आरक्षक शिवकुमार शर्मा
  • - आरक्षक मोहम्मद इसरार
  • - कार्य प्र आरक्षक कन्हैयालाल धनगर
  • - कंप्यूटर टाइपिस्ट अंजली पूरानिया

टीम ने रेलवे स्टेशन रोड पर घेराबंदी की और तिवारी को रिश्वत लेते पकड़ा। यह 2025 में उज्जैन लोकायुक्त की 20वीं से अधिक सफल ट्रैप है।

आरोपी रामप्रवेश तिवारी का बैकग्राउंड: सरकारी पद पर घूसखोरी के आरोप

रामप्रवेश तिवारी बागली में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी हैं। विभाग में छोटे कर्मचारियों से घूस लेने की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर प्रीतेश तंवर को पद पर बनाए रखने के लिए रिश्वत मांगी। जांच में पता चला कि तिवारी ने पहले भी ऐसे मामले में शामिल रहे हैं, लेकिन सबूतों की कमी से बच निकले। लोकायुक्त अब उनके बैंक खातों और संपत्ति की जांच करेगी।

भ्रष्टाचार का बड़ा पैटर्न: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की सख्ती

2025 में मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के 1,000 से अधिक मामले दर्ज हुए, जिसमें 200 से ज्यादा ट्रैप ऑपरेशन शामिल हैं। DG योगेश देशमुख ने कहा, "हमारी नीति साफ है - भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस। छोटे से छोटे मामले में भी सख्त कार्रवाई होगी।" उज्जैन इकाई ने 2025 में 50 लाख से अधिक की रिश्वत जब्त की है।

विभाग में घूसखोरी की समस्या गंभीर है। महिला एवं बाल विकास में आंगनवाड़ी, पोषण आहार और ठेकों में घूसखोरी के कई मामले सामने आए हैं।

राजनीतिक असर: विपक्ष ने घेरा, सरकार ने बचाव किया

कांग्रेस ने इसे "भाजपा सरकार की नाकामी" बताया। जीतू पटवारी ने कहा, "महिला-बाल विकास में घूसखोरी? मोहन यादव सरकार जवाब दे।" भाजपा ने कहा, "लोकायुक्त स्वतंत्र है, हम भ्रष्टाचार पर सख्त हैं।"

ट्रैप से मिली चेतावनी

रामप्रवेश तिवारी की गिरफ्तारी सरकारी पदों पर भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर करती है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए चेतावनी है। क्या जांच से बड़ा घोटाला उजागर होगा? वनइंडिया हिंदी अपडेट लाता रहेगा।

(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी, उज्जैन ब्यूरो)

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