Bhopal News:सरकारी स्कूल में छात्राओं से झाड़ू लगवाने पर बवाल, प्रदर्शन के दौरान विधायक आरिफ मसूद की एंट्री
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सरोजिनी नायडू गर्ल्स स्कूल (नूतन स्कूल) की छात्राओं ने बुधवार को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्राओं ने नारेबाजी के साथ-साथ स्कूल के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की, जिसके परिणामस्वरूप 15 छात्राएं बेहोश हो गईं।
छात्राओं का कहना है कि स्कूल की HR मैनेजर वर्षा झा, जो आर्मी से रिटायर्ड कैप्टन हैं, ने देर से आने पर उन्हें अनुशासनात्मक दंड के रूप में सफाई कराने और घास कटवाने का आदेश दिया।

प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने झा की नेम प्लेट को तोड़कर उसे पैरों से रौंद दिया और कहा कि झा स्कूल में आर्मी के नियमों को लागू करने की कोशिश करती हैं, जो उन्हें उचित नहीं लगता।

स्थानीय कांग्रेस विधायक की प्रतिक्रिया
हंगामे की सूचना मिलने पर स्थानीय कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग से घटना की जांच की मांग की और छात्राओं के अधिकारों की रक्षा की बात की।
HR मैनेजर की नियुक्ति और विवाद
वर्षा झा को एक महीने पहले ही ओपन स्कूल की ओर से HR और एस्टेट मैनेजर के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी आर्मी पृष्ठभूमि को लेकर छात्राओं में असंतोष था, जो प्रदर्शन के मुख्य कारणों में से एक था।
मामले में हस्तक्षेप
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद मौके पर पहुंचे। हंगामा बढ़ता देख, स्कूल प्रबंधन ने HR मैनेजर वर्षा झा को स्कूल से हटा दिया। स्कूल की प्रिंसिपल मालिनी वर्मा ने बताया कि छात्राओं की नाराजगी मुख्य रूप से वर्षा झा के साथ है, अन्य शिक्षकों के साथ नहीं। उन्होंने कहा कि समझाइश के बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

छात्राओं के आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्रा ने बताया कि, "एक मैम हैं, जो एक मिनट भी लेट स्कूल पहुंचने पर हमें बाहर खड़ा कर देती हैं। सभी से गंदा सलूक करती हैं और बहस करने पर रोक लगाती हैं। वे हमें और हमारे पेरेंट्स को भी स्कूल में आने की अनुमति नहीं देतीं।"
छात्राओं का कहना है कि देर से आने पर उन्हें झाड़ू-पोंछा लगाने और कचरा उठवाने की सजा दी जाती है। इसके अलावा, वे हाथ के कड़े भी रख लेती हैं और वापस नहीं करतीं। स्कूल में इधर-उधर घूमने पर टीसी देने की धमकी भी दी जाती है।
पेरेंट्स की प्रतिक्रिया
मारपीट की खबर मिलने के बाद कई पेरेंट्स स्कूल पहुंच गए। छात्रा कोमल की मां ने कहा, "मुझे फोन आया कि स्कूल में मारपीट हो रही है और कोई टीचर मार रही है। जब मैं स्कूल पहुंची, तो देखा कि बहुत भीड़ थी और मेरी बेटी बेहोश हो गई थी। उसे तुरंत अस्पताल लेकर आई।" उन्होंने कहा, "मैडम को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन हमें जानने का हक है कि हमारे बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। जब तक वे मैडम स्कूल में रहेंगी, हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।"
प्रबंधन और अधिकारी की प्रतिक्रिया
स्कूल की प्रिंसिपल मालिनी वर्मा ने कहा कि छात्राओं की नाराजगी मुख्य रूप से वर्षा झा के साथ है और समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है। इस बीच, शिक्षा विभाग और स्थानीय अधिकारी मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।












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