Bhopal MANIT कैंपस में घूम रहा है युवा बाघ, ट्रैप कैमरे में दिखाई दिया टाइगर, सुरक्षा में 50 वनकर्मी तैनात
भोपाल में शनिवार को मैनिट (MANIT) कैंपस में युवा बाघ घूमते हुए कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। इससे पहले बीते सोमवार को छात्रों ने मैनिट परिसर के अंदर बाघ को घूमता देखा था।
भोपाल,9 अक्टूबर। राजधानी के मैनिट(MANIT) परिसर में 6 दिनों से लगातार बाघ के मूवमेंट के बाद शनिवार को बाघ की पहचान हुई। लेकिन घबराने की बात इसलिए नहीं है, क्योंकि यह मैनिट परिसर और छात्रों के हॉस्टल से करीब 1 किलोमीटर दूर तालाब के किनारे हैं। यह तालाब खुशीलाल अस्पताल से लगा हुआ है और मैनिट की बाउंड्री वॉल के अंदर है। इसी क्षेत्र में बाउंड्री वॉल टूटी है। बाघ की पहचान टी-1234 के रूप में हुई है। यह बाघ युवा है और शिकार करने में बहुत तेज है। यह बाघ बीते सोमवार को छात्रों को दिखाई दिया था इसके बाद से लगातार वन विभाग की टीम इसको सर्च कर रही है। यह भाग दो गायों का शिकार भी कर चुका है वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे का स्थान बदल दिया है।

10 ट्रैप कैमरे लगाए
बाघ की सुरक्षा के लिए मैनिट परिसर के अंदर 10 ट्रैक कैमरे लगाए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन के सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। 50 से ज्यादा वन कर्मी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। इनमें से दो टीम दिन में और दो टीम रात में गश्त कर रही हैं। बाघ युवा है और शिकार की तलाश में घूम रहा है।

नगर निगम की टीम ने 25 मवेशी किए बाहर
मैनिट के अंदर बड़ी संख्या में मवेशी है। जिसे वन विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम को परिसर से बाहर करने के लिए कहा है। जिसके बाद निगम की टीम ने 25 मवेशियों को पकड़कर बाहर कर दिया है। निगम की टीम भी लगातार बाघ को लेकर सजग हैं।

छात्रों का डर दूर करेंगे फॉरेस्ट ऑफीसर
बाकी मौजूदगी को लेकर मैनिट के छात्रों में कई तरह की चर्चा है कुछ छात्र डरे सहमे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रविवार से शिविर लगाकर छात्रों का डर दूर करेंगे।
भोपाल सामान्य वन मंडल ने कॉलेज प्रबंधन से कह दिया है कि बाघ की मौजूदगी 1 किलोमीटर दूर है, इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है। क्लासेस चालू रहने दी जाए बस तलाब वाले हिस्से में किसी को न जाने दें।

खदेड़ने के लिए हांका का प्रयोग
बाघ को मैनिट केंपस से खदेड़ने के लिए हाँका लगाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में जहां बाघ मौजूद होता है, उसके तीन दिशाओं में 1 कर्मी होते हैं, जो आवाज निकालते हैं, ताकि बाघ खुली हुई चौथी दिशा से बाहर निकल जाए। आमतौर पर इसके लिए हाथी की मदद ली जाती लेकिन वन विभाग पास भोपाल में हाथी नहीं है। डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि इंतजार कर रहे हैं कि बाघ खुद ही निकल जाए। निगरानी कड़ी कर दी गई है। बाघ यदि नहीं निकलता है, तो आगे की योजना तय की जाएगी।












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