भोपाल की स्लम बस्ती में छा गई खुशियों की बहार, ‘द यूनिटी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन’ ने शुरू की ‘हमारी पाठशाला’
राजधानी भोपाल की एक स्लम बस्ती में रविवार को ऐसा नजारा दिखा, जो शायद ही कभी देखने को मिलता है। दर्जनों गरीब बच्चे, जिन्होंने शायद ही कभी अपना जन्मदिन मनाया हो, एक साथ केक काट रहे थे, नाच रहे थे, तालियां बजा रहे थे और उनके चेहरों पर वह मुस्कान थी जो लाखों रुपये भी नहीं खरीद सकते।
यह सब संभव हुआ 'द यूनिटी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन' की मेहनत से, जिसने पहली बार इन बच्चों का सामूहिक जन्मदिन उत्सव आयोजित किया।

संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्षा प्रिया शर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम - भारती, मंजू सिंह, जयश्री, अल्का, मोना, मिथु, अजी कोशी और अन्य सदस्यों - ने मिलकर यह अनोखा आयोजन किया। लेकिन सबसे बड़ी सौगात तो यह थी कि प्रिया शर्मा ने मौके पर ही 'हमारी पाठशाला' की शुरुआत की घोषणा की - अब टीम हर रोज बस्ती में आएगी और इन बच्चों को मुफ्त पढ़ाएगी।
केक, उपहार और नाच-गाना: बच्चों के चेहरे पर छाई खुशी
कार्यक्रम में 50 से अधिक बच्चे शामिल हुए। सबने मिलकर केक काटा, एक-दूसरे को बधाई दी। संस्था ने हर बच्चे को नए कपड़े, खिलौने, किताबें और स्टेशनरी उपहार में दी। नाश्ते में समोसे, पकौड़े, केक और जूस की व्यवस्था थी। बच्चे इतने खुश थे कि उन्होंने टीम के साथ मिलकर डांस किया, गाना गाया और पूरा माहौल उत्सव जैसा बन गया।
एक बच्ची ने प्रिया दीदी से गले लगकर कहा, "आज पहली बार किसी ने मेरा बर्थडे मनाया।" एक बच्चे ने पूछा, "दीदी, अगला बर्थडे कब मनाएंगे?" प्रिया शर्मा की आंखें भर आईं।
#### सबसे बड़ी सौगात: 'हमारी पाठशाला' की शुरुआत
प्रिया शर्मा ने मंच से ऐलान किया,
"आज सिर्फ जन्मदिन नहीं, एक नई शुरुआत है। हम 'हमारी पाठशाला' शुरू कर रहे हैं। अब हमारी टीम हर रोज बस्ती में आएगी - पढ़ाएगी, खेल कराएगी, कहानियां सुनाएगी और इन बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ेगी।"
- 'हमारी पाठशाला' में:
- - रोजाना 2 घंटे की क्लास
- - पढ़ाई, ड्राइंग, खेल, कहानी
- - मिड-डे मील जैसी व्यवस्था
- - किताबें, कॉपी, पेन मुफ्त
प्रिया शर्मा ने कहा, "यह सिर्फ शुरुआत है। हमारा सपना है कि इन बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, वे आत्मनिर्भर बनें और एक दिन बड़ा मुकाम हासिल करें।"
द यूनिटी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन: गरीब बच्चों की उम्मीद
- 2018 में शुरू हुई यह संस्था भोपाल की स्लम बस्तियों में काम करती है। अब तक:
- 500+ बच्चों को मुफ्त शिक्षा
- 1,000+ परिवारों को राशन-कपड़ा वितरण
- स्वास्थ्य कैंप, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम
प्रिया शर्मा (29 वर्ष) खुद एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और सोशल वर्क में एमए हैं। उन्होंने कहा, "ये बच्चे हमारा परिवार हैं। हम इन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे।"
बच्चों और अभिभावकों की खुशी
एक मां ने रोते हुए कहा, "मेरा बेटा पहली बार केक काटा। दीदी लोग भगवान हैं।" एक पिता ने कहा, "अब बच्चे पढ़ेंगे, बड़ा आदमी बनेंगे।"
एक जन्मदिन नहीं, नई जिंदगी की शुरुआत
इंदरगढ़ से लेकर भोपाल की स्लम बस्ती तक - आजाद समाज पार्टी की रैली और यूनिटी फाउंडेशन का उत्सव, दोनों ने एक ही बात साबित की - समाज में अभी भी उम्मीद बाकी है। द यूनिटी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन ने सिर्फ जन्मदिन नहीं मनाया, इन बच्चों के भविष्य को नया रंग दिया।












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