सतना: स्वास्थ्य विभाग की इमरजेंसी सेवा बनी मयखाना, छलकाए जा रहे थे जाम
सतना 22 जून: स्वास्थ्य विभाग की इमरजेंसी सेवा अब चलता फिरता मयखाना बन चुकी है। एंबुलेंस के अंदर अब मरीज कम शराबी ज्यादा मिल रहे हैं। इसका सबूत यह है कि इन दिनों सतना के एंबुलेंस में जाम छलकाए जा रहे हैं। मंगलवार को एंबुलेंस में जब जाम छलकाए जा रहे थे तभी वहां डीएचओ और डीसीएम पहुंच गए जहां मरीज समेत इमरजेंसी का चालक शराब के नशे में चूर मिले। जिस एंबुलेंस में जाम छलकाए जा रहे थे वह स्वास्थ्य विभाग की है और रामपुर बघेलान समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संलग्न है।

सज्जनपुर का मामला
दरअसल सज्जनपुर बैंक तिराहे के पास एक एंबुलेंस सड़क पर खड़ी थी तभी वहां से डीसीएम डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा और डीएचओ डॉ. विजय आरख गुजर रहे थेऔर सड़क पर खड़ी एंबुलेंस को देखकर वो अपनी गाड़ी से उतरे और जब वैन के दरवाजे खोले तब अंदर के नजारे देख डीएचओ के होश उड़ गए। जिस एंबुलेंस को आपातकालीन स्थिति में खड़ी देख मदद के लिए वे उतरे थे उसमें तो जाम लड़ाए जा रहे थे।
मरीज-चालक, परिजन सब
एंबुलेंस क्रमांक एमपी 19 जिए 2961 जो रामपुर बघेलान सीएचसी की है और उसका चालक रामसिया रावत जो आरकेएस का कर्मचारी है व और मरीज माधव कोल उम्र 50 साल और उसके साथ परिजन भी शराब पी रहे थे। डीएचओ व डीसीएम तो यह समझ कर एंबुलेंस देखने पहुंचे थे कि कहीं उसमें गर्भवती महिला ना हो क्योंकि वैन जननी एक्सप्रेस वाली थी,जबकि उसमें मौज उड़ाई जा रही थी बड़ा सवाल यह है कि आखिर निजी डॉक्टर मणिकचंद्र गुप्ता के मरीज को सरकारी एंबुलेंस कैसे मिली बताया जा रहा है कि ड्राइवर शराब के चक्कर में सरकारी वाहन ले गया था हालांकि बीएमओ रामपुर बघेलान और सीएमएचओ मामले में कार्यवाही की बात कह रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications