Bhopal News: भेल में ऑयल टंकियों में भयानक ब्लास्ट, लपटों से कांपा शहर, 15 किमी दूर तक दिखा धुआं
राजधानी भोपाल में गुरुवार को दोपहर बाद एक भयावह औद्योगिक हादसे ने शहर को दहला दिया। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के गेट नंबर 9 के पास कैंपस के अंदर ऑयल की टंकियों में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिससे आग लग गई और पूरा इलाका धुएं और लपटों से भर गया। धुएं का गुबार 15 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा है, और आग की लपटें 20 फीट तक ऊंची उठ रही हैं।
चिंगारी बनी आग, चंद मिनटों में फैली तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 3:30 बजे एक जोरदार धमाके की आवाज आई, जिसके बाद टंकियों से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने आसपास मौजूद वेस्ट मटेरियल यार्ड और हजारों पेड़-पौधों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर हड़कंप मच गया और भेल कैंपस के अंदर अलर्ट सायरन बजा दिए गए।

आठ फायर ब्रिगेड और चार टैंकर युद्ध स्तर पर कर रहे आग बुझाने की कोशिश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, भेल की अपनी चार और नगर निगम की चार फायर ब्रिगेड यूनिट मौके पर पहुंचीं। साथ ही चार बड़े पानी के टैंकर भी लगातार आग बुझाने में लगे हुए हैं। आग इतनी तीव्र थी कि मंडीदीप से भी फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया: "हम गेट नंबर 1 और 9 दोनों तरफ से ऑपरेशन चला रहे हैं। आग को फैलने से रोकने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, और आग पर 1-2 घंटे में काबू पा लिया जाएगा।"
सीआईएसएफ और जिला प्रशासन ने संभाला मोर्चा
चूंकि मामला देश के रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए सीआईएसएफ (Central Industrial Security Force) को तुरंत तैनात किया गया। कैंपस के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। भोपाल कलेक्टर, गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव, और कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग स्वयं मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
Bhopal News: भेल प्रशासन ने नुकसान की जानकारी देने से किया इनकार
भेल के अधिकारी फिलहाल किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। हालांकि आग और धमाके की तीव्रता को देखते हुए संभावित आर्थिक नुकसान और वातावरणीय प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धमाके की वजह क्या थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह वेस्ट ऑयल टैंक में अचानक हुए प्रेशर बिल्डअप से हुआ।
फैक्ट्री से दूर, लेकिन भय का माहौल
हालांकि धमाका फैक्ट्री परिसर से काफी दूर वेस्ट मैटेरियल डंपिंग ज़ोन में हुआ है, लेकिन भेल परिसर के अन्य सेक्शन में भी दहशत का माहौल है। कर्मचारियों को अंदर ही रहने की सलाह दी गई है और आसपास की कई कॉलोनियों में लोगों ने एहतियातन अपने घरों के खिड़की-दरवाज़े बंद कर लिए हैं।
Bhopal News: पर्यावरणीय खतरे की आशंका
धुएं का घना गुबार और लगातार जलते तेल से उत्पन्न रसायन वातावरण पर गंभीर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, बेंज़ीन और अन्य विषैले रसायन होते हैं, जो न सिर्फ सांस की बीमारियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि जलवायु पर भी असर डाल सकते हैं।
क्या कहती है स्थानीय जनता?
गौतम नगर निवासी सुरेश दीक्षित ने कहा:"हमारे घर से लगभग 12 किलोमीटर दूर है भेल, लेकिन ऊपर आसमान में काले धुएं की परत साफ दिख रही है। तेज गंध भी आ रही है। यह बेहद खतरनाक है।"
अब आगे क्या?
घटना की मैकेनिकल और केमिकल जांच कराई जाएगी। सेफ्टी ऑडिट की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि को देखते हुए, ऐसे हादसे प्रशासन के लिए रिमाइंडर हैं कि सेफ्टी प्रोटोकॉल की अनदेखी नहीं की जा सकती।












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