Bhopal News: गणेश विसर्जन पर पथराव, विश्वास सारंग और रामेश्वर शर्मा का सख्त रुख, जानिए अब आगे क्या होगा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 8 सितंबर 2025 की रात गणेश विसर्जन चल समारोह के दौरान डीआईजी बंगला चौराहे पर हुए पथराव की घटना ने राजनीतिक और सामाजिक तनाव को हवा दे दी है। इस घटना के बाद मंगलवार, 9 सितंबर 2025 को प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग और हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने सख्त लहजे में बयान दिए, जिसमें उन्होंने उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।

हिंदू संगठनों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि विपक्ष ने इस मामले में पुलिस और सरकार की जवाबदेही पर निशाना साधा। इस घटना ने भोपाल में सामुदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। आइए, इस घटना और इसके बाद की प्रतिक्रियाओं पर विस्तार से नजर डालते हैं।

Stone pelting on Ganesh immersion Vishwas Sarang and Rameshwar Sharma take tough stand

घटना का विवरण: डीआईजी बंगला चौराहे पर पथराव और तनाव

8 सितंबर 2025 की रात करीब 9:15 बजे, भोपाल के गौतम नगर क्षेत्र में श्री गणेश विसर्जन चल समारोह निकाला जा रहा था। यह समारोह अनंत चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित था, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल थे। जब यह समारोह आरिफ नगर से डीआईजी बंगला चौराहे की ओर बढ़ रहा था, कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में गणेश जी की मूर्ति को आंशिक नुकसान पहुँचा, जिससे भक्तों में भारी आक्रोश फैल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पथराव के बाद समारोह को रोक दिया गया, और भक्तों ने चौराहे पर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे सड़क जाम हो गया, और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: FIR और भारी बल तैनाती

भोपाल पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश सिंह और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) भोपाल जोन संजय झा मौके पर पहुँचे। भारी पुलिस बल और राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) की टुकड़ियाँ तैनात की गईं। पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसमें सहिल बच्चा यामीन और अलीम को नामजद किया गया। SSP राकेश सिंह ने कहा, "हमने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।"

पुलिस ने CCTV फुटेज और ड्रोन कैमरों की मदद से संदिग्धों की पहचान शुरू की है। क्षेत्र में 16 ड्रोन और वॉचटावर के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

विश्वास सारंग का सख्त बयान: 'नजीर बनेगी कार्रवाई'

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश शांति का टापू है। यहाँ हर सनातन त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। यदि कोई शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो ऐसी सख्त कार्रवाई होगी कि वह नजीर बनेगी।"

सारंग ने यह भी कहा कि FIR दर्ज हो चुकी है, और आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। ADG संजय झा ने कहा, "मंत्री जी के निर्देशों का पालन करते हुए हमने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए ड्रोन और CCTV का उपयोग बढ़ाया जाएगा।"

रामेश्वर शर्मा की तीखी चेतावनी: 'हनुमान जी का मुख खुलेगा'

हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने और भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "अगर कोई भी कंकड़ मारेगा, तो उसका प्रतिकार प्रशासन बहुत खतरनाक तरीके से करेगा। यह बिरयानी खिलाने वालों की सरकार नहीं है, बल्कि शांति से राज करने वाली सरकार है। खूब नमाजें पढ़ो, खूब तीर्थ करो, खूब आरती और हनुमान चालीसा गूंजें, लेकिन अगर इसमें कोई बाधा डालेगा, तो हनुमान जी का मुख खुलेगा और उसे कोई रोक नहीं पाएगा।"

हिंदू संगठनों का आक्रोश: सड़क जाम और धरना

पथराव की घटना के बाद श्री हिंदू उत्सव समिति, बजरंग दल, और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने डीआईजी बंगला चौराहे पर सड़क जाम कर धरना शुरू किया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा, "यह हमारी आस्था पर हमला है। प्रशासन को 24 घंटे में दोषियों को गिरफ्तार करना होगा, वरना हम उग्र प्रदर्शन करेंगे।" VHP के नेता सुनील वर्मा ने कहा, "धार्मिक जुलूसों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। यह सुनियोजित साजिश है।"

हिंदू संगठनों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। तिवारी ने कहा, "संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से पर्याप्त पुलिस बल क्यों नहीं था? यह प्रशासन की लापरवाही है।" संगठनों ने हाई-लेवल जाँच की मांग की है।

प्रशासन पर सवाल

कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की, लेकिन प्रशासनिक विफलता पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा, "पुलिस को पहले से ऐसी घटनाओं की आशंका थी। फिर भी सुरक्षा में चूक कैसे हुई? इसकी जाँच होनी चाहिए।" कमलनाथ ने ट्वीट किया, "गणेश विसर्जन पर पथराव निंदनीय है, लेकिन सरकार की लापरवाही भी सामने आ रही है। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करें। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी सरकार पर निशाना साधा। एक नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की नाकामी है। सरकार को जवाब देना होगा।"

प्रशासन की चुनौती: शांति और सख्ती का संतुलन

भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल बैठक बुलाई। उन्होंने कहा, "हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। जनता से शांति बनाए रखने की अपील है।" ADG संजय झा ने कहा, "क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। हम किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट किया, "मध्य प्रदेश में शांति और सौहार्द हमारी प्राथमिकता है। डीआईजी बंगला चौराहे की घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।"

भोपाल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब भोपाल में धार्मिक आयोजनों के दौरान तनाव की स्थिति बनी हो। 2022 में खरगोन में राम नवमी जुलूस पर पथराव और हिंसा ने प्रदेश में हंगामा मचाया था। 2024 में रतलाम में भी गणेश विसर्जन के दौरान पथराव की घटना हुई थी।

भविष्य के लिए सबक

इस घटना ने भोपाल पुलिस और प्रशासन के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी की हैं। SSP राकेश सिंह ने कहा, "हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना और दोषियों को पकड़ना है।" कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों से शांति बनाए रखने की अपील की। ADG संजय झा ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

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