Bhopal News: सुभाष नगर ओवरब्रिज पर स्कूल वैन हादसा, डिवाइडर से टकराई, PWD की लापरवाही पर सवाल
Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सुभाष नगर ओवरब्रिज पर मंगलवार को एक और हादसा हो गया, जब एक स्कूल वैन डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में वैन में सवार स्कूली बच्चे बाल-बाल बच गए। सौभाग्य से किसी के घायल होने या चोटिल होने की खबर नहीं है, लेकिन वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
सोशल मीडिया पर इस घटना की खबर तेजी से वायरल हो रही है, और लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। डिवाइडर पर साइनबोर्ड या रिफ्लेक्टिव टेप की कमी को हादसों का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

हादसे का विवरण
सुभाष नगर ओवरब्रिज पर हुई इस घटना में एक स्कूल वैन तेज गति से आते हुए डिवाइडर से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वैन में कई स्कूली बच्चे सवार थे, जो स्कूल से घर लौट रहे थे। हादसे के समय भारी बारिश हो रही थी, जिसके कारण सड़क पर दृश्यता कम थी। डिवाइडर पर कोई साइनबोर्ड, रिफ्लेक्टिव टेप, या चेतावनी संकेत न होने के कारण ड्राइवर को डिवाइडर का अंदाजा नहीं हुआ, और वैन अनियंत्रित होकर टकरा गई। वैन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन बच्चों के सुरक्षित होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
PWD की लापरवाही पर सवाल
सुभाष नगर ओवरब्रिज पर बार-बार हो रहे हादसों ने PWD की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि डिवाइडर पर साइनबोर्ड, रिफ्लेक्टिव टेप, या स्पीड ब्रेकर की कमी के कारण वाहन चालकों को खतरा बना रहता है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में, जब दृश्यता कम होती है, डिवाइडर की अनुपस्थिति या चेतावनी संकेतों की कमी हादसों को बढ़ावा दे रही है।
सुभाष नगर ओवरब्रिज और अन्य हादसे
सुभाष नगर ओवरब्रिज पर यह कोई पहला हादसा नहीं है। उसी दिन एक अन्य घटना में एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इसके अलावा, भोपाल में हाल के महीनों में ओवरब्रिज और सड़कों पर हादसों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। उदाहरण के लिए:
ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज (ROB): इस ब्रिज पर 90 डिग्री का खतरनाक मोड़ चर्चा में रहा, जिसके कारण हादसों का खतरा बढ़ गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसकी डिजाइन में खामियों के लिए PWD के आठ इंजीनियरों को निलंबित किया और निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया।
बाणगंगा चौराहा हादसा: मई 2025 में एक स्कूल बस ने ब्रेक फेल होने के कारण रेड लाइट पर खड़े 8 वाहनों को टक्कर मार दी, जिसमें एक नर्सिंग छात्रा आयशा खान की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए। इस बस का फिटनेस सर्टिफिकेट नवंबर 2024 में समाप्त हो चुका था, और RTO की लापरवाही के लिए जितेंद्र शर्मा को निलंबित किया गया।
इन हादसों ने भोपाल में सड़क सुरक्षा और PWD की इंजीनियरिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
PWD की डिजाइन और रखरखाव में खामियां
- सुभाष नगर ओवरब्रिज पर डिवाइडर से संबंधित हादसे PWD की डिजाइन और रखरखाव में खामियों को उजागर करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि:
- साइनबोर्ड की कमी: डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, टेप, या चेतावनी लाइट्स नहीं होने से रात और बारिश में दृश्यता शून्य हो जाती है।
- स्पीड कंट्रोल उपायों की अनुपस्थिति: रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड ब्रेकर, या अन्य गति नियंत्रण उपायों की कमी के कारण वाहन चालक अनियंत्रित हो जाते हैं।
- तकनीकी खामियां: ऐशबाग ROB की तरह सुभाष नगर ओवरब्रिज पर भी डिजाइन में खामियां हो सकती हैं, जिन्हें समय रहते ठीक नहीं किया गया।
- मैनिट भोपाल के ट्रैफिक विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े ने कहा, "सिर्फ साइनबोर्ड लगाने से काम नहीं चलेगा। डिवाइडर और मोड़ पर रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड ब्रेकर, और रिफ्लेक्टिव मार्कर जरूरी हैं। अन्यथा, हादसे होते रहेंगे।"
विपक्ष का हमला
कांग्रेस ने इस हादसे को लेकर बीजेपी सरकार और PWD पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने कहा, "भोपाल में PWD की लापरवाही जानलेवा बन रही है। सुभाष नगर ओवरब्रिज पर साइनबोर्ड तक नहीं, और बच्चे खतरे में पड़ रहे हैं। यह सरकार की नाकामी है।" उन्होंने मांग की कि PWD के अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई हो और ओवरब्रिज की डिजाइन की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद PWD और स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुभाष नगर ओवरब्रिज पर हादसों की बढ़ती संख्या को गंभीरता से लिया है और PWD को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। ऐशबाग ROB मामले में पहले ही 8 इंजीनियरों को निलंबित किया जा चुका है, और सुभाष नगर मामले में भी कार्रवाई की संभावना है।
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने कहा, "हम इस हादसे की जांच कर रहे हैं। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे।" उन्होंने उपभोक्ताओं से सुझाव भी मांगे हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा के लिए सुझाव
- सुभाष नगर ओवरब्रिज पर हादसों को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय जरूरी हैं:
- साइनबोर्ड और रिफ्लेक्टिव टेप: डिवाइडर और मोड़ पर रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, टेप, और चेतावनी लाइट्स लगाई जाएं।
- स्पीड कंट्रोल: रंबल स्ट्रिप्स और स्पीड ब्रेकर स्थापित किए जाएं ताकि वाहनों की गति नियंत्रित हो।
- नियमित निरीक्षण: PWD को ओवरब्रिज और डिवाइडर की नियमित जांच करनी चाहिए, विशेष रूप से बरसात के मौसम में।
- जागरूकता अभियान: स्कूल बस ड्राइवरों और अन्य वाहन चालकों के लिए यातायात नियमों पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
- CCTV और निगरानी: ओवरब्रिज पर CCTV कैमरे लगाकर ट्रैफिक की निगरानी की जाए।
-
क्या सच में खत्म हो रहा Petrol-डीजल? भरवाने से पहले जरूर जान लें सच्चाई, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान! -
क्या शाजापुर कलेक्टर नियम नहीं जानतीं? हाईकोर्ट की तीसरी फटकार, वेतन वृद्धि रोकने के आदेश पर स्टे -
क्या आपने देखा पण्डोखर धाम का ये अनोखा फैसला? 2–22 अप्रैल मेले में सब कुछ FREE, जानिए कैसे मिलेगा फायदा -
MP News: क्या अब मिलेगा संविदा कर्मचारियों को पूरा हक? सरकार सख्त—ग्रेच्युटी, अनुकम्पा नियुक्ति पर मांगा जवाब -
Petrol Panic in Bhopal: क्या सच में खत्म हो रहा पेट्रोल-डीजल? भोपाल में लगी लंबी कतारें—जानिए हकीकत क्या है -
क्या हाईवे पर हर बार देना पड़ता है ‘एंट्री चार्ज’? जबलपुर में RTO रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, जानिए पूरा मामला -
MP Board 5th-8th Result 2026: आपका रिजल्ट कैसा रहा? 95% तक पासिंग, QR कोड से तुरंत चेक करें पूरा रिजल्ट -
MP Board 8th Result 2026: एमपी बोर्ड ने जारी किया 8वीं का रिजल्ट, डायरेक्ट लिंक से ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड -
शिवपुरी में बना देश का सबसे बड़ा मेडिकल कैंप! क्या आपको मिला फायदा? ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज -
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
क्या भारत में 'LOCKDOWN' लगने वाला है? दुनियाभर में Energy Lockdown की शुरुआत! तेल संकट से आप पर कितना असर -
Gold Rate Today: सोने के दामों में मामूली उछाल, निवेशक हैरान, कहां पहुंचा 24, 22 और 18 कैरट का भाव?












Click it and Unblock the Notifications