MP News: करोड़पति पूर्व कांस्टेबल की कलई खुली, भाई की नौकरी छुपाकर ली अनुकंपा नियुक्ति, मां पर भी दर्ज हुई FIR
Bhopal MP News: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित परिवहन घोटाले में अब आरोपी सौरभ शर्मा की मुश्किलें और बढ़ गई है। दरअसल, धोखाधड़ी के आरोप में सौरभ शर्मा और उसकी मां पर मामला दर्ज किय गया है।
बता दे सौरभ पर बेनामी संपत्ति और परिवहन घोटाले के आरोप लगे थे, अब उन पर और उनकी मां उमा शर्मा पर ग्वालियर के सिरोल थाने में FIR दर्ज हो गई है।

2016 की अनुकंपा नियुक्ति का राज
सौरभ शर्मा को 2016 में परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। नियमों के अनुसार, अनुकंपा नियुक्ति तभी मिलती है जब परिवार में कोई सरकारी नौकरी में न हो। सौरभ और उनकी मां ने शपथ पत्र देकर दावा किया था कि परिवार में कोई और सरकारी कर्मचारी नहीं है। इसी के दम पर सौरभ को सरकारी नौकरी मिल गई।
लेकिन कहानी ने तब मोड़ लिया जब जांच में सामने आया कि सौरभ का बड़ा भाई सचिन शर्मा पहले से ही छत्तीसगढ़ सरकार के अधीन सड़क विकास निगम में कार्यरत था। यानी शपथ पत्र में यह अहम जानकारी छुपाई गई थी।
जांच में बड़ा खुलासा
2025 की शुरुआत में संयुक्त परिवहन आयुक्त के आदेश पर फाइलें खंगाली गईं और सहायक परिवहन आयुक्त ने इस मामले की तह तक जाने का जिम्मा उठाया। छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग से दस्तावेज निकलवाए गए और पुष्टि हो गई कि सचिन शर्मा सरकारी कर्मचारी हैं। इसके बाद सौरभ और उनकी मां के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया।
बेहद जटिल होता जा रहा है मामला
धोखाधड़ी का यह मामला सिर्फ अनुकंपा नियुक्ति तक सीमित नहीं है। सौरभ पहले से ही करोड़ों की बेनामी संपत्ति और परिवहन घोटाले में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू की जांच का सामना कर रहे हैं। अब यह नया केस उनके लिए और मुश्किलें खड़ी कर रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह भी जांच का हिस्सा बनेगा कि क्या इस झूठे शपथ पत्र के पीछे सिर्फ नौकरी पाने का मकसद था या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट भी है।

सौरभ का पक्ष: अभी सन्नाटा
इस नए मामले में सौरभ शर्मा या उनकी मां की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पहले के घोटाले के आरोपों में सौरभ ने खुद को निर्दोष बताया था और जांच में सहयोग करने की बात कही थी। लेकिन इस बार उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वे इस नए आरोप का जवाब देंगे, या फिर यह मामला कोर्ट तक जाएगा? यह देखना बाकी है।
चर्चा का बाजार गर्म
ग्वालियर से लेकर भोपाल तक, सौरभ शर्मा का नाम एक बार फिर चर्चा में है। लोग हैरान हैं कि एक कॉन्स्टेबल की नौकरी से शुरू हुआ यह शख्स कैसे करोड़ों की संपत्ति का मालिक बना और अब धोखाधड़ी के नए आरोपों में फंस गया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "सौरभ की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। पहले करोड़पति कॉन्स्टेबल, अब धोखाधड़ी का केस-आगे क्या होगा, कोई नहीं जानता।" वहीं, कुछ लोग इसे सिस्टम की खामी मान रहे हैं, जो अनुकंपा नियुक्ति जैसे संवेदनशील मामलों में भी ढील बरतता है।
आगे क्या?
पुलिस अब इस मामले की गहराई में जा रही है। सौरभ और उमा शर्मा के खिलाफ दर्ज FIR के बाद जांच तेज कर दी गई है। साथ ही, सचिन शर्मा की नौकरी और सौरभ की संपत्ति के बीच कोई कनेक्शन है या नहीं, यह भी खंगाला जा रहा है। परिवहन विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और सौरभ की पुरानी फाइलों को फिर से खोलने की तैयारी कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications