स्वतंत्रता दिवस पर सारंगपुर में खूनी खेल, पैतृक जमीन के विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर में स्वतंत्रता दिवस की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। पैतृक जमीन को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद ने खून का रूप ले लिया, जब बड़े भाई बाबूलाल पुष्पद ने अपने छोटे भाई कमल पुष्पद (31) के सिर पर पीछे से कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी।
यह हमला इतना अचानक और घातक था कि महज 30 सेकंड में कमल की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर आरोपी बाबूलाल को हिरासत में ले लिया। इस घटना ने न केवल परिवार के रिश्तों को शर्मसार किया, बल्कि समाज में बढ़ते भौतिकवादी विवादों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

घटना का विवरण: सुबह की सैर बनी मौत का कारण
परिजनों के अनुसार, कमल पुष्पद स्वतंत्रता दिवस की सुबह अपने रोजमर्रा की तरह टहलने के लिए निकला था। सुबह करीब 6:30 बजे जब वह घर लौटा और दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहा था, तभी पीछे से बड़े भाई बाबूलाल ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर जोरदार वार किया। पुलिस के अनुसार, हमला इतना गहरा था कि कमल का सिर फट गया और वह तुरंत जमीन पर गिर पड़ा। खून से लथपथ कमल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को दी। सारंगपुर थाना प्रभारी रमेश चंद्र यादव ने बताया, "हमें सुबह 6:35 बजे सूचना मिली थी। हमारी टीम पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई और आरोपी बाबूलाल पुष्पद को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि यह हत्या पैतृक संपत्ति और दुकान की कमाई को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद का परिणाम थी।"
विवाद की जड़: पैतृक जमीन और दुकान की कमाई
पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, यह खूनी विवाद स्वर्गीय मांगीलाल पुष्पद की 4.5 बीघा पैतृक जमीन और कमल की रेडीमेड कपड़ों की दुकान से जुड़ा है। मांगीलाल के तीन बेटे-बड़ा बाबूलाल, मंझला कमल, और सबसे छोटा दीपक-इस जमीन के सह-मालिक हैं। इस जमीन पर फूलों की खेती की जाती थी, लेकिन इससे होने वाली आय पर्याप्त नहीं थी। कमल ने अपनी मेहनत और उधार के पैसे से सारंगपुर में एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान शुरू की थी, जो अच्छी तरह चल रही थी।
बाबूलाल का मानना था कि दुकान की कमाई में उसका भी हिस्सा होना चाहिए, क्योंकि वह परिवार का हिस्सा है। दूसरी ओर, कमल का कहना था कि दुकान उसकी व्यक्तिगत मेहनत और निवेश का परिणाम है, और इसमें किसी और का हक नहीं है। छोटे भाई दीपक ने भी कमल का समर्थन किया, जिससे बाबूलाल और अधिक नाराज हो गया। पुलिस के अनुसार, बाबूलाल ने इस नाराजगी को दिल में रखा और स्वतंत्रता दिवस की सुबह मौका पाकर कमल पर जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी हिरासत में, जांच शुरू
सारंगपुर पुलिस ने घटना के तुरंत बाद बाबूलाल को हिरासत में लिया और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को बरामद कर लिया। थाना प्रभारी रमेश चंद्र यादव ने बताया, "आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में हत्या की बात कबूल की है। उसने बताया कि वह कमल और दीपक के रवैये से नाराज था और उसे लगता था कि उसे उसकी हिस्सेदारी से वंचित किया जा रहा है।" पुलिस ने बाबूलाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने मृतक कमल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं। आसपास के लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
परिवार और समाज में मातम
इस घटना ने पुष्पद परिवार और सारंगपुर के स्थानीय समुदाय में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। कमल की पत्नी और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों ने बताया कि कमल एक मेहनती और मिलनसार व्यक्ति था, जिसने अपनी दुकान से न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण किया, बल्कि आसपास के लोगों की भी मदद की। एक पड़ोसी ने कहा, "यह विश्वास करना मुश्किल है कि भाई अपने भाई की जान ले सकता है। यह पैसों और संपत्ति की लालच का नतीजा है।"
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह घटना मध्यप्रदेश में संपत्ति विवादों से जुड़े अपराधों की बढ़ती संख्या को रेखांकित करती है। हाल के महीनों में, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों जैसे सिंगरौली, सतना, और धार में संपत्ति विवादों के चलते हत्याओं की खबरें सामने आई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और मनोवैज्ञानिक डॉ. अनिल शर्मा ने कहा, "आज के भौतिकवादी युग में संपत्ति और पैसे के लिए परिवार टूट रहे हैं। यह घटना दर्शाती है कि हमें परिवारों में संवाद और विश्वास को बढ़ाने की जरूरत है।"
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सजा कठोर होनी चाहिए ताकि समाज में एक मजबूत संदेश जाए। वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश ठाकुर ने कहा, "संपत्ति विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता और पारिवारिक कोर्ट की भूमिका को और मजबूत करना होगा। अन्यथा, ऐसी घटनाएं बढ़ती रहेंगी।"
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक हलचल पैदा की है। विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को उठाते हुए बीजेपी सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। कांग्रेस प्रवक्ता रवि वर्मा ने कहा, "मध्यप्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, और सरकार चुप्पी साधे हुए है। यह घटना दिखाती है कि कानून का डर खत्म हो गया है।" जवाब में बीजेपी विधायक ने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और दोषी को कड़ी सजा दी जाएगी।












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