MP Assembly election 2023 : खोए हुए वजूद को पाने के लिए सपा ने विधानसभा चुनाव से पहले बनाई ये रणनीति
मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी अपने खोए हुए वजूद को पानी के लिए एक विशेष रणनीति तैयार कर रही है।

मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी यानी सपा मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयारी कर रही है सपा ने मध्यप्रदेश में अपने खोए हुए वजूद को पाने के लिए एक खास रणनीति तैयार की है। पार्टी ने अपनी मजबूती के हिसाब से इन सीटों को तीन श्रेणियों में बांटा है। A श्रेणी में 50 सीटें है इनमें उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों की सीटों के अलावा कटनी और जबलपुर क्षेत्र की कई विधानसभा सीटें शामिल हैं। सपा का मानना है कि यहां उसका मजबूत आधार है इससे कम जनाधार वाली सीटों को B और बाकी सीटों को C श्रेणी में रखा गया है। प्रदेश संगठन ने A श्रेणी की सीटों की सूची पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों की घोषणा सबसे पहले इन्हीं सीटों के लिए होगी।
मध्य प्रदेश में सपा अपने खोए हुए वजूद को पाने के लिए चुनाव के कम से कम 3 माह पहले प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है, ताकि उन्हें तैयारी ज्यादा समय मिले। उधर अखिलेश यादव डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को अंबेडकर (महू)आ रहे हैं इसके अलावा में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे। आगामी चुनाव के तहत ही पार्टी में फरवरी में विधानसभा का घेराव करेगी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामायण सिंह पटेल ने बताया कि फरवरी में ही सपा प्रदेश स्तरीय सम्मेलन भोपाल में करने जा रही है।
एमपी की 12 वीं विधानसभा में थे सर्वाधिक विधायक
2008 में मध्य प्रदेश में हुए 12वीं विधानसभा चुनाव में सपा ने अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 8 सीटें जीती थी। छह विधायक चुनाव जीतकर आए थे जबकि एक ने सपा की सदस्यता ले ली थी और एक उपचुनाव में जीता था 1998 में 4 उम्मीदवार जीते थे 2018 के चुनाव में केवल एक प्रत्याशी छतरपुर के ब्यावर से राजेश शुक्ला जीते थे। पर बाद में उन्होंने भी सपा छोड़ भाजपा की सदस्यता ले ली। इस तरह से वर्तमान में सपा का खाता शून्य हैं।












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