Bhopal News: पुलिसकर्मी बनकर गुजरात की कंपनी के कलेक्शन एजेंट से लूटे ₹20 लाख, व्हाट्सएप लोकेशन भेजकर बुलाया
भोपाल के हबीबगंज इलाके में बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट से पुलिसकर्मी बनकर 20 लाख रुपए लूट लिए। युवक गुजरात की कंपनी में काम करता है, जो भोपाल की लोकेशन संभालता है।

राजधानी भोपाल में एक बार फिर कलेक्शन एजेंट के साथ लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल हबीबगंज थाना क्षेत्र में गुजरात की एक कंपनी के कलेक्शन एजेंट के साथ आरोपियों ने मारपीट कर ₹20 लाख लूट लिए। कंपनी मालिक ने आज भोपाल आकर प्रकरण दर्ज कराया है।
आरोपियों ने 15 दिन पहले पैसा देने के बहाने फरियादी के व्हाट्सएप पर लोकेशन भेज कर बुलाया और खुद को पुलिस वाला बताकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उससे 20 लाख रुपए लूट लिए। फरियादी ने अपने फर्म के मालिक के भोपाल पहुंचने पर बुधवार को अज्ञात 6 आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कराया है। लूट की वारदात 17 मई को अंजाम दी गई थी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाल रही है।
हबीबगंज थाना पुलिस ने बताया कि हसनपुर थाना बिशन नगर, जिला मेहसाणा गुजरात के रहने वाले किशन पटेल पुत्र भरत भाई पटेल गुजरात की डी नटवर कंपनी में काम करते हैं। वे छत्रसाल नगर फेस-2 पिपलानी भोपाल में रहकर अपने सहकर्मी अमित के साथ कलेक्शन का काम देखते हैं। 17 मई को उन्हें ईदगाह के रहने वाले अजीत परमानी से ₹10 लाख लेने थे। उन्होंने व्हाट्सएप कॉल करके बोला कि 8185801454 से फोन आएगा जो ₹10 लाख देगा। दोपहर 2 बजे किशन के मोबाइल पर नीलेश नाम के व्यक्ति का कॉल आया और 3 घंटे में पैसे ले जाने के लिए बोला। इसके बाद लोकेशन व्हाट्सएप पर भेज दी।
बताई हुई लोकेशन पर शाम 6 बजे कलेक्शन एजेंट अपने साथी के साथ 1100 क्वार्टर हनुमान मंदिर के पास पहुंच गया। जहां पर पहले से मौजूद युवक ने कार संख्या TS07JN5340 में बैठने को कहा। किशन व उसका साथी दोनों कार में बैठ गए। इसके बाद दो अन्य लोग आए और खुद को पुलिसकर्मी बताकर मारपीट शुरू कर दी और उनके पास पहले से रखा कलेक्शन का ₹20 लाख भी छीन लिया। चारों ने कहा कल अपने सेठ के साथ थाने आ जाना। इस दौरान उनके दो साथियों ने मोबाइल से सिम निकाल ली और व्हाट्सएप कांटेक्ट डिलीट कर दिया।
पुलिस समझकर डर गए थे फरियादी
कलेक्शन एजेंट और उसका साथी अपराधियों को पुलिस वाला समझ कर डर गए थे, इसलिए उन्होंने थाने में शिकायत नहीं की। सारी घटना उन्होंने सेठ पोपटलाल को बताई। सेठ के भोपाल आने के बाद बुधवार को थाने आकर मामला दर्ज कराया। पुलिस केस लिखकर मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।












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