MP Bhopal तब्लीगी इज्तिमा 2025 में पाकिस्तान-बांग्लादेश जमातों को एंट्री नहीं! उमर हाफिज बोले- आउट ऑफ क्वेश्चन
MP News: भोपाल एक बार फिर दुनिया भर के मुसलमानों का आध्यात्मिक केंद्र बनने को तैयार है। 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा 14 से 17 नवंबर 2025 तक ईंटखेड़ी के घासिपुरा में आयोजित होगा। दिल्ली मार्कज (तब्लीगी जमात मुख्यालय) की ओर से घोषित तारीखों के अनुसार, इस बार इज्तिमा और भी भव्य और संगठित रूप लेगा।
करीब 15 लाख से अधिक जायरीनों (भक्तों) के आने की उम्मीद है, जिनमें भारत के अलावा 15 देशों से जमातें शामिल होंगी। 120 एकड़ में विशाल पंडाल, 300 एकड़ से अधिक पार्किंग एरिया और 70 पार्किंग जोन के साथ कमिटी ने जबरदस्त इंतजाम किए हैं।

लेकिन इज्तिमा से पहले पाकिस्तान-बांग्लादेश की जमातों को लेकर उठे सुरक्षा सवालों और गैर-मुस्लिमों को दुकान न देने की वायरल अफवाह पर मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. उमर हाफिज ने साफ कर दिया है कि यह सब भ्रामक और आउट ऑफ क्वेश्चन है।
उन्होंने कहा, "यह तो बिल्कुल मतलब आउट ऑफ क्वेश्चन बात है। यहां पर जो कोई भी आता है, जिसको इंडियन गवर्नमेंट वीजा देता है, वह आता है और उसके बाद भी पुलिस के क्लीयरेंस के बाद वह अपना फॉर्म सी भरकर आता है।" आइए, इज्तिमा की तैयारियों की समीक्षा बैठक से जुड़े इन बयानों और पूरे आयोजन की डिटेल को विस्तार से समझते हैं।
इज्तिमा तैयारियों की समीक्षा बैठक: 15 लाख जायरीनों के लिए भव्य इंतजाम
भोपाल में तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियों को लेकर रविवार (2 नवंबर 2025) को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इज्तिमा कमिटी के चेयरमैन इकबाल हाफिज खान की अगुवाई में बैठक में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और वॉलंटियर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। कमिटी ने पिछले साल के अनुभवों से सीख लेते हुए इंतजामों को 20% मजबूत किया है। डॉ. उमर हाफिज ने बताया, "इज्तिमा शांति, दावत और छह सिद्धांतों (कलिमा, नमाज, इल्म, इकराम, खिदमत, दावत) पर आधारित है। हमारा लक्ष्य ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा सुनिश्चित करना है।"
मुख्य इंतजाम:
- पंडाल: 120 एकड़ क्षेत्र में मुख्य पंडाल, जहां 1.40 लाख जायरीन एक साथ बैठ सकेंगे। एसी, वेंटिलेशन, ट्रांसलेटर (विदेशी और दिव्यांगों के लिए) और मेडिकल कैंप।
- पार्किंग: 300 एकड़ से अधिक एरिया में 70 जोन, 50,000 वाहनों की क्षमता। ट्रैफिक डायवर्जन के लिए भोपाल-विदिशा रोड पर वैकल्पिक रूट्स।
- जायरीन: 12-15 लाख का अनुमान। भारत के अलावा इंडोनेशिया, जापान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, मलेशिया, यूएई, यूके, यूएसए से जमातें। पिछले साल 10 लाख से अधिक आए थे, इस बार रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद।
- सुरक्षा और सुविधाएं: 25,000 वॉलंटियर्स, 5,000 स्टाफ (पुलिस, नगर निगम)। हाइजीन के लिए स्वीपर बैग सिस्टम, वाहन रिपेयर यूनिट, धूल मुक्त पंडाल। रेलवे से प्लेटफॉर्म मेन्टेनेंस स्थगित करने की अपील।
बैठक में कलेक्टर ने कहा, "5,000 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। कोई चूक नहीं होगी।" इज्तिमा 14 नवंबर को जुमे की नमाज से शुरू होकर 17 नवंबर को दुआ के साथ समाप्त होगा। विद्वान जैसे मौलाना साद कंधलवी, हाफिज मंजूर और मौलाना जमशेद संबोधित करेंगे।
पाकिस्तान-बांग्लादेश जमातों पर सवाल: उमर हाफिज का सख्त जवाब - 'आउट ऑफ क्वेश्चन, वीजा और फॉर्म-सी से सब कंट्रोल'
इज्तिमा से पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश की जमातों को लेकर सुरक्षा चिंताएं उठीं। 2023 में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' नारों के विवाद के बाद इस बार सवाल और तेज हो गए। समीक्षा बैठक में पत्रकारों के सवाल पर डॉ. उमर हाफिज ने साफ किया: "यह तो बिल्कुल मतलब आउट ऑफ क्वेश्चन बात है। यहां पर जो कोई भी आता है, जिसको इंडियन गवर्नमेंट वीजा देता है, वह आता है और उसके बाद भी पुलिस के क्लीयरेंस के बाद वह अपना फॉर्म सी भरकर आता है। जिस भी देश से आ रहा हो, किसी भी नेशनलिटी से आ रहा हो, तो उसको पहले फॉर्म सी भरना पड़ेगा। उसकी एक कॉपी हमारे पास रहती है, एक कॉपी एसपी ऑफिस जाती है और संबंधित थाने को। और दुश्मन देश से आने का तो सवाल ही नहीं उठता।"
उमर हाफिज ने जोर देकर कहा कि सभी विदेशी जायरीनों को भारतीय वीजा और पुलिस क्लीयरेंस अनिवार्य है। फॉर्म-सी (विदेशी पर्यटक पंजीकरण) से उनकी लोकेशन ट्रैक होती है। "हमारी कमिटी सुरक्षा को सर्वोच्च रखती है। उन्होंने कहा। 2023 में भी पाकिस्तानी जमातों पर प्रतिबंध की चर्चा हुई थी, लेकिन कमिटी ने वीजा नियमों का हवाला दिया। इस बार विदेशी जमातों की संख्या सीमित रखी गई है।
वायरल अफवाह पर सफाई: 'गैर-मुस्लिमों को दुकान नहीं' - उमर हाफिज बोले, पूरी तरह भ्रामक
इज्तिमा में दुकानें देने को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल खबर थी कि गैर-मुस्लिमों को दुकानें नहीं दी जा रही। इस पर उमर हाफिज ने कड़ा रुख अपनाया: "यह बिल्कुल भ्रामक बात है। हम सभी को दुकान देते हैं। हर साल देते हैं और हर साल भी देंगे। और इसके अलावा दूसरी बात ये है कि यह हमारा क्राइटेरिया नहीं है। हम ऐसी बात ना सोते, ना ऐसी बात कहते, ना करते हैं।"
इज्तिमा का वैश्विक महत्व: तब्लीगी जमात की दावत, भोपाल का गौरव
तब्लीगी जमात की स्थापना 1926 में मौलाना इलियास कंधलवी ने की थी। भोपाल इज्तिमा दुनिया के चार बड़े इज्तिमाओं (रायविंड, टोंगी, जकार्ता, भोपाल) में शामिल है। यहां जायरीन इस्लामिक जीवनशैली पर व्याख्यान सुनते हैं, नमाज अदा करते हैं और नई जमातें गठित करते हैं। 1949 में शकूर खान मस्जिद से शुरू, 2005 से ईंटखेड़ी में। यह आयोजन शांति और नैतिक सुधार पर जोर देता है।
कमिटी ने कहा, "इज्तिमा से जायरीन आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर लौटेंगे। निकाह समारोह सरल तरीके से होंगे।" भोपाल कलेक्टर ने प्रशासन का समर्थन दोहराया।
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