Bhopal News: गर्मी के कारण ट्यूबवेल पर रोक, जानें कब तक, MP में कल से लू का अलर्ट, रातें भी होगी गर्म
Bhopal News: मध्य प्रदेश में जैसे ही ओले और बारिश का असर खत्म हुआ, गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जहां एक ओर दिन में तीव्र गर्मी से लोग परेशान हैं, वहीं अब रातों में भी ठंडक गायब हो गई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है।
रविवार से सोमवार की दरमियानी रात को सागर में पारा 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो इस समय के मौसम के लिए असामान्य है। वहीं, राजधानी भोपाल में बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर के चलते ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने मंगलवार से लू का अलर्ट भी जारी किया है, जो प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करेगा।

सागर में रात का पारा 26 डिग्री, स्कूलों का समय बदला
सागर में गर्मी का कहर बढ़ता जा रहा है। दिन का तापमान जहां 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, वहीं रात में भी कोई राहत नहीं मिल रही। रविवार से सोमवार की रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। इस स्थिति को देखते हुए सागर के कलेक्टर संदीप जीआर ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय बदलने का आदेश दिया। अब जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, नवोदय और सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। यह बदलाव अगले आदेश तक लागू रहेगा। हालांकि, दो पालियों में चलने वाले स्कूलों और परीक्षा-मूल्यांकन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
भोपाल में ट्यूबवेल खनन पर रोक
राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ रही गर्मी और भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जून तक जिले में ट्यूबवेल खनन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इस आदेश के अनुसार, बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति या संस्था अब ट्यूबवेल नहीं खुदवा सकेगी। कलेक्टर का कहना है कि भूजल स्तर को बचाने के लिए यह कदम आवश्यक था, क्योंकि यदि जल का अत्यधिक उपयोग किया गया तो आने वाले दिनों में पानी की किल्लत और भी गंभीर हो सकती है।
तेज धूप से बढ़ी गर्मी, लू का अलर्ट
सोमवार को पूरे प्रदेश में तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा पहुंचा। मौसम विभाग ने मंगलवार, 8 अप्रैल से प्रदेश के कई हिस्सों में लू का अलर्ट जारी किया है, जो 15 अप्रैल तक चलेगा। खासकर राजस्थान से सटे जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया और ग्वालियर में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनसे तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है।
9-10 अप्रैल को हल्की बारिश की संभावना
गर्मी के प्रकोप के बीच कुछ राहत की खबर भी है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, "8 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इसके चलते 9 और 10 अप्रैल को सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जैसे पूर्वी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है और बादल छाए रह सकते हैं।" हालांकि, यह राहत पश्चिमी और उत्तरी जिलों तक नहीं पहुंचेगी, जहां गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दिनों ओले और बारिश का सिस्टम पूर्व की ओर बढ़ गया है और अब पश्चिमी हवाओं का असर बढ़ रहा है। इसके चलते राजस्थान से सटे जिलों में हीट वेव का असर दिखने लगा है। इसके अलावा, हवा में नमी कम हो गई है, जिस कारण रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा बढ़ने लगा है। सागर, छतरपुर, दमोह और नर्मदापुरम जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक है।
लोगों की परेशानी
गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भोपाल में लोग सड़कों पर छाते और गमछे से चेहरा ढककर बाहर निकल रहे हैं। सागर के एक दुकानदार रमेश ने बताया, "दिन में धूप से बचना मुश्किल हो गया है। रात को भी गर्मी कम नहीं हो रही।" वहीं, स्कूलों के समय में बदलाव से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। एक अभिभावक रेखा ने कहा, "दोपहर में बच्चों को स्कूल से लाना खतरनाक हो गया था। यह बदलाव सही है।"
मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 अप्रैल तक गर्मी और लू का प्रभाव बना रहेगा। हालांकि, 9-10 अप्रैल को पूर्वी जिलों में हल्की बारिश से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन बाकी हिस्सों में गर्मी और लू का कहर जारी रहेगा। भोपाल में भूजल संरक्षण के लिए ट्यूबवेल पर रोक और सागर में स्कूलों के समय में बदलाव जैसे कदम गर्मी से निपटने की शुरुआत हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि इस प्रकोप से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन और क्या कदम उठाते हैं।












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