Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

जहरीले सिरपों का नया खुलासा: गुजरात के 'Relife' और 'Respifresh TR' में घातक DEG, मध्य प्रदेश में बैन

मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा कांड के बाद कफ सिरपों की जांच ने एक नया झटका दिया है। राज्य औषधि नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट में गुजरात निर्मित दो और कफ सिरपों-'Relife Syrup' और 'Respifresh TR Syrup'-में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की घातक मात्रा पाई गई।

यह रसायन किडनी फेलियर और मौत का कारण बन सकता है। सरकार ने तत्काल बैन लगाते हुए गुजरात को निर्माण इकाई की जांच के लिए पत्र लिखा है। यह खुलासा 16 बच्चों की मौतों के बाद आया है, जहां पहले 'कोल्ड्रिफ' सिरप पर बैन लगा था। अब पूरे बाजार में हड़कंप मच गया है।

New revelation of poisonous syrups Gujarat s Relife and Respifresh TR contain deadly DEG banned in MP

चौंकाने वाले तथ्य

खतरनाक DEG की मात्रा: 'Relife Syrup' में DEG की उच्च सांद्रता पाई गई, जबकि 'Respifresh TR Syrup' (बैच R01GL2523) में 1.342% DEG मिला-तैय सीमा से कहीं ज्यादा। यह रसायन वाहनों के ब्रेक फ्लूइड और पेंट में इस्तेमाल होता है, लेकिन दवाओं में घातक है।

  • तत्काल बैन: राज्य औषधि नियंत्रक ने बिक्री, वितरण और उपयोग पर पूर्ण रोक लगाई। बाजार से सैंपल जब्त करने के आदेश जारी।
  • गुजरात कनेक्शन: दोनों सिरप अहमदाबाद (गुजरात) की कंपनियों से आए। मध्य प्रदेश सरकार ने गुजरात को पत्र भेजकर फैक्ट्री जांच की मांग की।
  • ब्रॉडर इंपैक्ट: छिंदवाड़ा में 'कोल्ड्रिफ' से 16 मौतों के बाद अब ये सिरप विभिन्न जिलों में उपलब्ध थे। झारखंड ने भी इन पर बैन लगाया।
  • केंद्र की सख्ती: स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की-2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दें। CDSCO ने 6 राज्यों में रिस्क-बेस्ड जांच शुरू की।
  • पिछले कांड से सबक: 2023 में भी DEG से जुड़े कफ सिरप कांडों में 100+ मौतें हुईं। अमेरिका में DEG बैन, लेकिन भारत में लापरवाही बरकरार।

जांच का खुलासा: कैसे फैला जहर?

औषधि नियंत्रण विभाग की लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि ये सिरप बच्चों के लिए 'जहर की बोतल' साबित हो सकते थे। 'Relife Syrup' और 'Respifresh TR Syrup' के सैंपल मध्य प्रदेश के बाजारों से लिए गए थे। DEG किडनी और लीवर को नष्ट करता है, खासकर बच्चों में। यह सस्ता सॉल्वेंट है, जो प्रोपाइलीन ग्लाइकॉल की जगह अवैध रूप से मिलाया जाता है। छिंदवाड़ा कांड में 'कोल्ड्रिफ' में 48.6% DEG पाया गया था, जो तमिलनाडु की श्रीसन फार्मा का था। अब गुजरात की कंपनियां निशाने पर हैं।

सरकार की कार्रवाई: बैन से आगे क्या?

मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत प्रभाव से बैन लागू किया। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सभी मेडिकल स्टोर्स को स्टॉक चेक करने और जब्त करने के निर्देश दिए। ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य ने कहा, "ये सिरप बाजार से हटाए जाएंगे। गुजरात से सैंपल रिपोर्ट मांगी गई है।" केंद्र ने भी हाई-लेवल मीटिंग बुलाई, जहां कफ सिरपों की क्वालिटी और गलत इस्तेमाल पर फोकस हुआ। 5 यूनिट्स की लाइसेंस निलंबित हो चुके हैं।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "मासूमों की सुरक्षा प्राथमिकता है। दोषी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।" लेकिन विपक्ष ने सवाल उठाए-क्यों इतनी देरी? कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे "दवा माफिया की साजिश" बताया।

व्यापक संकट: दवा बाजार पर सवाल

यह घटना मध्य प्रदेश की दवा व्यवस्था की पोल खोल रही है। पिछले दो सालों में 138 अमानक दवाएं पाई गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि DEG सस्ता होने से मिलावट आम है। झारखंड, तमिलनाडु और केरल ने भी बैन बढ़ाया। केंद्र की एडवाइजरी के बावजूद, बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री जारी है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+