मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: उज्जैन की वर्षा सोलंकी की बदली किस्मत, ₹51 हजार से बिना कर्ज हुई सपनों की शादी
Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana: उज्जैन जिले के नागदा शहर की एक छोटी-सी बस्ती से निकली वर्षा सोलंकी की कहानी आज हजारों गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की मिसाल बन गई है।
जहां कभी दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल था, वहीं आज उसी घर में शादी की शहनाइयां गूंजीं-वो भी बिना कर्ज, बिना चिंता और पूरे सम्मान के साथ। इस बदलाव की वजह बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, जिसने वर्षा जैसे लाखों बेटियों के सपनों को पंख दिए हैं।

कल तक चिंता, आज खुशियों की रौनक
22 वर्षीय वर्षा सोलंकी एक साधारण मजदूर परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पिता रामेश्वर सोलंकी रोज़ दिहाड़ी करते हैं और मां सुशीला देवी घर-घर काम करके परिवार का सहारा बनी रहीं।
शादी की बात आते ही घर में खामोशी छा जाती थी। जैसे दहेज का डर, सामाजिक दबाव, आर्थिक तंगी है। वर्षा बताती हैं कि "पापा मेरी शादी की बात सुनते ही चुप हो जाते थे। लगता था कर्ज लेकर भी शादी नहीं कर पाएंगे।"
जब सरकार बनी परिवार का सहारा
2025 की शुरुआत में परिवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की जानकारी मिली। ऑनलाइन आवेदन किया गया और कुछ ही महीनों में सहायता स्वीकृत हो गई।
योजना के तहत मिला लाभ
- ₹31,000 नकद राशि
- ₹20,000 का घरेलू सामान (बर्तन, बेडशीट, सिलाई मशीन आदि)
नवंबर 2025 में वर्षा की शादी पूरे सम्मान और खुशी के साथ संपन्न हुई।
मां सुशीला देवी भावुक होकर कहती हैं, "सरकार ने हमारी लाज रख ली। किसी से हाथ नहीं फैलाना पड़ा। बिटिया खुश है, हमारा सिर ऊंचा है।"
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का स्पष्ट संदेश है- "हर पिता अपनी बिटिया को शान के साथ विदा कर सके, यही हमारी सरकार का उद्देश्य है।" योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास की गारंटी है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: ऐसे उठाएं लाभ
पात्रता
- परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम
- बेटी की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक
- मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी
- पहली शादी
आवेदन कहां करें
- ऑनलाइन: mp.gov.in / ladlibahna.mp.gov.in
- ऑफलाइन: जन सेवा केंद्र (CSC), तहसील, ब्लॉक कार्यालय, आंगनवाड़ी
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र
- अब तक का असर (आंकड़ों में)
- 3 लाख+ बेटियों की शादी में मदद
- 150 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर
- ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सबसे अधिक लाभ
एक मुस्कान, हजारों उम्मीदें
नागदा की वर्षा सोलंकी की मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि जब नीति सही हो, तो ज़िंदगी बदलती है। अगर आप या आपके आसपास कोई पात्र परिवार है, तो आज ही आवेदन करें- क्योंकि हर बेटी खुशियों की हकदार है।












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