MP News: मुरैना के कैंसर पीड़ित हर्ष के इलाज के लिए कैसे मिला केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का साथ, जानिए
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया है। मुरैना जिले के 12 वर्षीय हर्ष सक्सेना, जो ब्लड कैंसर से जूझ रहा है, के इलाज के लिए उन्होंने आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही, उन्होंने समाज से भी अपील की है कि लोग आगे आएं और इस मासूम की मदद करें। यह घोषणा रक्षाबंधन के दिन तब हुई, जब हर्ष को राखी बांधने आईं सैकड़ों बहनों का भावुक कर देने वाला दृश्य सुर्खियों में आया।

हर्ष सक्सेना की कहानी: दुख और उम्मीद का मेल
हर्ष सक्सेना मुरैना जिले के अंबाह विकासखंड के बिलपुर गांव का निवासी है। 12 साल का यह मासूम ब्लड कैंसर से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है। हर्ष के परिवार की कहानी बेहद दुखद है। उसके पिता, बंटी सक्सेना, की पिछले महीने 29 जुलाई 2025 को इसी बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। अब हर्ष की मां, ज्योति सक्सेना, अकेले उसकी देखभाल कर रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, और उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। पुश्तैनी जमीन ही उनकी एकमात्र सहारा है।
रक्षाबंधन पर भावुक कर देने वाला दृश्य
रक्षाबंधन के दिन बिलपुर गांव में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी का दिल छू लिया। आसपास के गांवों से सैकड़ों बहनें हर्ष के घर पहुंचीं और उसके आंगन में बैठकर उसे राखी बांधी। इस दौरान हर्ष की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की गई। यह दृश्य न केवल गांव वालों, बल्कि सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने इस घटना को "मानवता की मिसाल" बताते हुए गांव वालों की सराहना की और हर्ष के इलाज के लिए मदद का वादा किया।
शिवराज सिंह चौहान का योगदान
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के जरिए हर्ष की कहानी पर अपनी संवेदना व्यक्त की और ऐलान किया कि वह उसके इलाज में आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने लिखा, "'परहित सरिस धर्म नहिं भाई' की भावना को चरितार्थ करने के लिए मैं सभी गांववासियों को धन्यवाद देता हूँ। मैं हर्ष के इलाज में योगदान देने का वचन देता हूँ और सभी से अपील करता हूँ कि इस मासूम की मदद के लिए आगे आएं।"
यह पहली बार नहीं है जब शिवराज सिंह चौहान ने इस तरह की संवेदनशीलता दिखाई हो। इससे पहले, जून 2025 में सीहोर जिले के तालपुरा गांव में एक गरीब पिता के बेटे के इलाज के लिए उन्होंने तत्काल भोपाल एम्स से संपर्क कर मदद की थी। उनकी इस पहल ने न केवल हर्ष के परिवार को उम्मीद दी है, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया है।
गांव वालों की एकजुटता
बिलपुर गांव के लोगों ने हर्ष के लिए जिस तरह एकजुटता दिखाई, वह वास्तव में प्रेरणादायक है। रक्षाबंधन के दिन सैकड़ों बहनों का हर्ष के लिए राखी लेकर आना और उसकी सलामती की दुआ करना एक अनूठा उदाहरण है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर्ष की बीमारी और उसके पिता की मृत्यु ने पूरे गांव को झकझोर दिया था। इसलिए, गांव वालों ने न केवल राखी के जरिए हर्ष का हौसला बढ़ाया, बल्कि कुछ लोग आर्थिक मदद के लिए भी आगे आए हैं।
चुनौतियां और भविष्य
हर्ष का इलाज लंबा और महंगा है। ब्लड कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी, दवाइयां, और नियमित जांच के लिए काफी खर्च आता है। ज्योति सक्सेना, जो एक गृहणी हैं, के लिए यह खर्च उठाना लगभग असंभव है। हालांकि, शिवराज सिंह चौहान की मदद और गांव वालों की एकजुटता ने इस परिवार के लिए एक नई उम्मीद जगाई है।
वन्यजीव विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर्ष जैसे बच्चों के लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है।
समाज से अपील
शिवराज सिंह चौहान ने न केवल हर्ष के इलाज के लिए मदद का वादा किया है, बल्कि उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी इस नेक काम में योगदान देने की अपील की है। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर कई लोग सोशल मीडिया पर हर्ष की मदद के लिए आगे आने की बात कर रहे हैं। स्थानीय संगठनों और एनजीओ से भी इस मामले में सहायता की उम्मीद की जा रही है।












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