अजान से होता है साधु-संतों का ध्यान भंग, लाउडस्पीकर न बजे: भोपाल की MP प्रज्ञा ठाकुर
भोपाल। विवादास्पद बयानों के चलते सुर्खियों में रहीं भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर फिर कुछ ऐसा बोल गई हैं, जिससे सोशल मीडिया पर बवाल हो सकता है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा है कि, अजान से सुबह-सुबह शोर मचाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि, जब हम लाउडस्पीकर लगा लेते हैं तो विधर्मियों को आपत्ति होने लगती है। मगर, अजान की उूंची आवाज से साधु-संतों का ध्यान भंग होता है। प्रज्ञा बोलीं, ''ऐसा न हो, इससे मरीजों को भी परेशानी होती है।''
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मालूम हो कि, प्रज्ञा भोपाल में भाजपा से सांसद हैं और वह हिंदूवादी विचारधारा से ताल्लुक रखती हैं। वह गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को कई दफा डिफेंड कर चुकी हैं। इसलिए, उनका खासा विरोध भी हुआ था। वह मुस्लिम-नेताओं पर भी तीखी-टिप्पणी कर चुकी हैं। अब प्रज्ञा का कहना है कि, मस्जिदों में अजान साधु-संतों का ध्यान भंग करती है। उन्होंने कहा कि, इस्लाम में दूसरे मजहब की आवाज सुनने को जायज नहीं माने जाने की बातें की जानी लगती हैं। मगर इन्हें अपने पर भी ध्यान देना चाहिए। अजान के शोर से न केवल साधु-संतों का ध्यान भंग होता है बल्कि मरीजों को भी परेशानी होती है।
दरअसल, प्रज्ञा मंगलवार की रात को राम-मंदिर के एक कार्यक्रम में संबोधन देने पहुंची थीं। जहां अपने संबोधन में उन्होंने अजान के शोर को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि, सुबह पांच बजे के आस-पास तेज आवाजें आने लगती हैं। इससे तमाम बीमारियों के मरीजों की नींद खुल जाती है और उन्हें तकलीफ होती है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में साधु-संतों का साधना का समय भी होता है और आरती भी उसी दौरान होती है। इसके बाद भी सुबह-सुबह तेज आवाजें आती रहती हैं। मैं कह रही हूं कि, लाउडस्पीकर पर सुबह-सुबह शोर मचाना उचित नहीं है।












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