MP News: कटनी में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, जिला पंचायत का लेखापाल ₹5000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत कटनी में पदस्थ लेखापाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। जबलपुर लोकायुक्त इकाई की ट्रैप टीम ने 26 फरवरी 2026 को यह कार्रवाई अंजाम दी।

जिला पंचायत कटनी में ट्रैप
कार्रवाई का केंद्र रहा जिला पंचायत कटनी, जहां स्थापना शाखा में पदस्थ लेखापाल सत्येंद्र सोनी को ₹5000 की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी सत्येंद्र सोनी (उम्र 48 वर्ष), पिता स्व. मुलायम चंद सोनी, लेखापाल के पद पर कार्यरत है।
क्या है पूरा मामला?
लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता आशीष कुमार दुबे (उम्र 40 वर्ष), निवासी ग्राम निगहरा, तहसील बड़वारा, जिला कटनी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्हें निलंबन से बहाल कराने के एवज में लेखापाल द्वारा एक महंगा मोबाइल फोन (विवो वी70) की मांग की जा रही थी, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹53,999 बताई गई।
आवेदक द्वारा असमर्थता जताने पर आरोपी ने किश्तों में रिश्वत लेने की बात कही। पहली किस्त ₹5000 तत्काल, दूसरी किस्त ₹10,000 फरवरी माह का वेतन मिलने पर और शेष राशि बहाली के बाद वेतन मिलने पर देने का दबाव बनाया गया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने ट्रैप योजना तैयार की।
रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
26 फरवरी को योजना के तहत आवेदक को ₹5000 की राशि देकर जिला पंचायत कार्यालय भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने स्थापना शाखा में पहली किस्त स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके से ट्रैप राशि बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की जांच में अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
ट्रैप दल में कौन रहा शामिल
इस कार्रवाई में ट्रैप लेइंग ऑफिसर (TLO) निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक बी.एम. नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही। पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से की गई ताकि आरोपी को भनक न लग सके।
भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त सख्त
लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल के महीनों में प्रदेशभर में ट्रैप कार्रवाइयों की संख्या बढ़ी है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि शासन स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद जिला पंचायत कार्यालय में हड़कंप की स्थिति रही। कर्मचारी वर्ग में भी चर्चा का माहौल है कि छोटी से छोटी रिश्वत भी अब कानूनी शिकंजे से बच नहीं पाएगी। लोकायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो तत्काल शिकायत दर्ज कराएं ताकि ऐसी कार्रवाई संभव हो सके।












Click it and Unblock the Notifications