MSP भुगतान के बदले 10% रिश्वत! सोहागपुर सहकारी बैंक का शाखा प्रबंधक 20 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया
MP News: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश और डीआईजी लोकायुक्त मनोज सिंह के मार्गदर्शन में भोपाल लोकायुक्त इकाई ने जिला सहकारी बैंक मर्यादित, सोहागपुर में ट्रैप कार्रवाई कर बैंक के शाखा प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई बुधवार 8 जनवरी 2026 को नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर स्थित जिला सहकारी बैंक मर्यादित की शाखा में की गई, जहां आरोपी शाखा प्रबंधक 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
भुगतान के बदले 10 प्रतिशत कमीशन की मांग
लोकायुक्त पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में आवेदक कैलाश कुशवाह, निवासी तहसील सोहागपुर, जिला नर्मदापुरम हैं। कैलाश कुशवाह के नाम से शासकीय समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज खरीदी की समिति "आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित, सोहागपुर" पंजीकृत है।
आवेदक का आरोप था कि समिति के कर्मचारियों के वेतन और धान खरीदी के दौरान की गई हम्माली (लोडिंग-अनलोडिंग) के भुगतान के लिए जब भी चेक लगाया जाता है, तो जिला सहकारी बैंक मर्यादित सोहागपुर के शाखा प्रबंधक श्री दिनेशचंद दुबे प्रत्येक एक लाख रुपये के भुगतान पर 10 प्रतिशत कमीशन की मांग करते हैं।
2 लाख के भुगतान पर मांगे 20 हजार रुपये
आवेदक के अनुसार, वर्तमान में लगभग 2 लाख रुपये का चेक हम्माली भुगतान के लिए बैंक में लगाया जाना था। इसी भुगतान को पास करने के एवज में शाखा प्रबंधक दिनेशचंद दुबे ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर भुगतान में जानबूझकर देरी करने और अड़चनें डालने की बात भी कही गई थी।
इससे परेशान होकर कैलाश कुशवाह ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल श्री दुर्गेश राठौर को पूरे मामले की लिखित शिकायत की।
शिकायत सही पाए जाने पर गठित हुई ट्रैप टीम
लोकायुक्त पुलिस द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद भोपाल लोकायुक्त इकाई ने ट्रैप टीम का गठन कर सुनियोजित योजना के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
निर्धारित योजना के अनुसार 8 जनवरी 2026 को आवेदक को जिला सहकारी बैंक मर्यादित, सोहागपुर शाखा में बुलाया गया। जैसे ही आरोपी शाखा प्रबंधक दिनेशचंद दुबे ने आवेदक से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें बैंक परिसर में ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
ट्रैप दल में ये अधिकारी रहे शामिल
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त भोपाल की टीम के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे, जिनमें-
उप पुलिस अधीक्षक: श्री बीएम द्विवेदी
- निरीक्षक: रजनी तिवारी
- प्रधान आरक्षक: रामदास कुर्मी
- प्रधान आरक्षक: मुकेश पटेल
- आरक्षक: मुकेश परमार
- आरक्षक: चैतन्य प्रताप सिंह
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी शासकीय या अर्धशासकीय कार्यालय में कार्य के बदले रिश्वत की मांग की जाती है, तो डरें नहीं और सीधे लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और लोकायुक्त पुलिस की नीति "जीरो टॉलरेंस" की है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।












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