Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: दलित संगठन के विरोध के बाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सिविल जज भर्ती-2022 का रिजल्ट दोबारा जारी करो

MP News: मध्य प्रदेश के न्यायिक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नीति के कथित उल्लंघन को लेकर दलित-पिछड़ा संगठनों के लंबे आंदोलन को शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक समर्थन दिया। कोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती-2022 के परिणाम को रद्द करते हुए परीक्षा सेल को सख्त निर्देश दिए हैं कि 121 खाली पदों को भरने के लिए संशोधित चयन सूची तैयार की जाए।

कोर्ट ने इसे "अत्यंत गंभीर मामला" करार देते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से एक भी अभ्यर्थी का चयन न होना और अनुसूचित जाति (SC) से मात्र एक का चयन होना संविधान के अनुच्छेद 16(4) और 335 के खिलाफ है। मुख्य परीक्षा में SC के लिए 45% और ST के लिए 40% न्यूनतम अंक तथा साक्षात्कार में 20 अंकों की छूट देकर नई सूची बनाई जाए।

mp-highcourt-civil-judge-2022-result-reissue-sc-st-reservation-violation-historic-verdict

अगली सुनवाई (दिनांक अभी तय नहीं) में संशोधित सूची पेश करने का आदेश दिया गया है। यह फैसला दलित संगठनों के लिए बड़ी जीत है, जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे थे।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच - जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अर्चना ओक - ने सुनवाई के दौरान परीक्षा सेल के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। बेंच ने कहा, "आरक्षण नीति का पालन न करना न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है।

बैकलॉग पदों को अनारक्षित वर्ग में स्थानांतरित करना और न्यूनतम योग्यता में छूट न देना असंवैधानिक है।" कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियमावली 1994 के संशोधन (22 जून 2023) के अनुसार, आरक्षित पदों को केवल आरक्षित वर्ग में ही कैरी फॉरवर्ड किया जाना चाहिए, न कि सामान्य वर्ग में। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और पुष्पेंद्र शाह ने तर्क दिया कि परीक्षा सेल ने जानबूझकर SC-ST उम्मीदवारों को कट-ऑफ में सामान्य वर्ग के बराबर अंक लगाकर बाहर किया, जबकि नियमों में छूट का प्रावधान है। कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए परीक्षा सेल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

भर्ती प्रक्रिया में क्या गड़बड़ियां थीं?

सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एंट्री लेवल-2022 भर्ती के लिए 191 पदों (कुछ स्रोतों में 192) की अधिसूचना 17 नवंबर 2023 को जारी हुई थी। इसमें 31 सामान्य, 17 बैकलॉग सामान्य, 9 SC, 11 SC बैकलॉग, 12 ST, 109 ST बैकलॉग, 9 OBC और 1 OBC बैकलॉग पद शामिल थे। प्रारंभिक परीक्षा 14 जनवरी 2024 को हुई, मुख्य परीक्षा मार्च-अप्रैल 2024 में और साक्षात्कार जुलाई-अगस्त 2024 में। लेकिन 12 नवंबर 2025 को जारी अंतिम परिणाम में कुल 47 अभ्यर्थी ही चयनित हुए।

आश्चर्यजनक रूप से:

  • ST वर्ग से शून्य चयन (109 बैकलॉग सहित)।
  • SC वर्ग से मात्र एक चयन (20 बैकलॉग सहित)।
  • OBC से अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व।
  • कुल 121 पद खाली रह गए, जिनमें अधिकांश आरक्षित थे।

दलित पिछड़ा संगठन समाज के अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव ने आरोप लगाया था कि परीक्षा सेल ने कट-ऑफ में छूट न देकर आरक्षित उम्मीदवारों को जानबूझकर बाहर किया। बैकलॉग पदों को सामान्य वर्ग में डाल दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। संगठनों ने भोपाल से जबलपुर तक धरना-प्रदर्शन किए और हाईकोर्ट में याचिका दायर की। वकीलों के एक संगठन ने भी इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने सुनवाई में परीक्षा सेल के प्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर संशोधित सूची का आदेश दिया।

टॉपर्स की लिस्ट: सामान्य वर्ग का दबदबा

चयनित 47 अभ्यर्थियों में ज्यादातर सामान्य वर्ग के हैं। टॉप तीन की सूची इस प्रकार है:

  • भामिनी राठी (इंदौर) - कुल 291.83 अंक (रिटन + इंटरव्यू)। सामान्य वर्ग की यह उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में टॉप पर रहीं।
  • हरप्रीत कौर परिहार (गुना) - 281.83 अंक। इन्होंने साक्षात्कार में शानदार प्रदर्शन किया।
  • रिया मंधानिया - 281.50 अंक। कानूनी ज्ञान और तर्कशक्ति में इनकी मजबूती रही।

ये टॉपर्स सामान्य वर्ग से हैं, जो आरक्षण नीति के पालन न होने का स्पष्ट संकेत देता है। SC-ST संगठनों ने कहा कि कई आरक्षित उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा में अच्छे अंक लाए थे, लेकिन साक्षात्कार में कम नंबर देकर बाहर कर दिया गया। कोर्ट ने साक्षात्कार में न्यूनतम 20 अंकों की छूट का प्रावधान किया है, जो इन उम्मीदवारों के लिए राहत है।

दलित संगठनों में खुशी की लहर, लेकिन सतर्कता बरतने की अपील

फैसले के बाद जबलपुर, भोपाल और इंदौर में दलित संगठनों के कार्यालयों में खुशी का माहौल है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा, "यह हमारी लंबी लड़ाई की जीत है। कोर्ट ने साबित कर दिया कि आरक्षण संविधान का हिस्सा है, इसे तोड़ा नहीं जा सकता। लेकिन परीक्षा सेल को निगरानी में रखना होगा, वरना फिर वही गड़बड़ी हो सकती है।" SC-ST एसोसिएशन ने राज्यव्यापी रैली का ऐलान किया है, जिसमें नए चयनित उम्मीदवारों का स्वागत किया जाएगा। संगठनों का कहना है कि यह फैसला न केवल सिविल जज भर्ती बल्कि अन्य सरकारी नौकरियों में भी बैकलॉग पदों पर आरक्षण सुनिश्चित करेगा।

हालांकि, विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने ट्वीट किया, "मोहन यादव सरकार आरक्षण के साथ खिलवाड़ कर रही है। कोर्ट का हस्तक्षेप शर्मनाक है।" वहीं, भाजपा ने इसे "न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा" बताते हुए स्वागत किया।

भविष्य की संभावनाएं: संशोधित सूची में कितने बदलाव?

कोर्ट के आदेश के अनुसार, परीक्षा सेल को मुख्य परीक्षा के अंकों में SC के लिए 45% (सामान्यतः 50%) और ST के लिए 40% (सामान्यतः 45%) की छूट देकर उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाना होगा। साक्षात्कार में भी 20 अंकों की न्यूनतम योग्यता में राहत दी गई है। इससे अनुमान है कि कम से कम 50-60 आरक्षित उम्मीदवार चयनित हो सकते हैं, जिससे 121 खाली पदों में से अधिकांश भर जाएंगे। परीक्षा सेल के रजिस्ट्रार जनरल ने कहा, "आदेश का पालन किया जाएगा। संशोधित सूची जल्द तैयार हो जाएगी।"

यह फैसला मध्य प्रदेश में आरक्षण नीति की बहाली का मील का पत्थर साबित होगा। दलित संगठनों का आंदोलन, जो 2023 से चल रहा था, अब न्यायिक समर्थन के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या परीक्षा सेल पूरी ईमानदारी से संशोधित सूची बनाएगा? अगली सुनवाई इसका फैसला करेगी। कुल मिलाकर, यह फैसला न केवल SC-ST समुदाय के लिए राहत है, बल्कि न्यायपालिका में समावेशिता की दिशा में एक बड़ा कदम है। मध्य प्रदेश की न्याय व्यवस्था अब अधिक समावेशी बनेगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+