MP News: नए साल में लाखों कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, खास योजना की तैयारी, 5 से 10 लाख तक कैशलेस इलाज
MP Government Employees: मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार आयुष्मान भारत मॉडल पर आधारित एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना लाने की तैयारी में है, जिसके तहत 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना "CM Care" या "मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना" के नाम से शुरू हो सकती है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह योजना अंतिम चरण में है और 2026 की शुरुआत में इसके लॉन्च की संभावना जताई जा रही है। योजना से प्रदेश के लगभग 15 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स, तथा उनके परिवारों सहित करीब 50 लाख लोग लाभान्वित होंगे।

मौजूदा व्यवस्था से परेशान थे कर्मचारी
फिलहाल मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को इलाज का पूरा खर्च पहले खुद वहन करना पड़ता है और बाद में CGHS दरों के अनुसार रीइंबर्समेंट मिलता है। गंभीर बीमारियों के मामले में यह राशि अक्सर नाकाफी साबित होती है।
उदाहरण के तौर पर, किसी ट्रांसप्लांट या कैंसर इलाज में जहां 15-20 लाख रुपये तक खर्च आता है, वहीं रीइंबर्समेंट सिर्फ 3-4 लाख रुपये तक सीमित रह जाता है। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए सरकार कैशलेस मॉडल पर नई योजना ला रही है।
क्या होंगी योजना की मुख्य विशेषताएं
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट के अनुसार, योजना की प्रमुख बातें इस प्रकार होंगी-
- कवरेज: सामान्य इलाज के लिए 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष
- गंभीर बीमारियां: कैंसर, हार्ट सर्जरी, ट्रांसप्लांट जैसी बीमारियों में 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
- इलाज की सुविधा: सरकारी अस्पतालों के साथ एम्पैनल्ड निजी अस्पतालों में भी कैशलेस ट्रीटमेंट
- लाभार्थी: नियमित कर्मचारी, संविदा कर्मचारी, शिक्षक, पेंशनर्स, निगम-मंडल कर्मचारी और उनके परिवार
- फंडिंग: प्रीमियम का बड़ा हिस्सा सरकार देगी, कर्मचारी अंशदान न्यूनतम या नाममात्र हो सकता है
- कार्ड: आयुष्मान कार्ड की तर्ज पर अलग हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, योजना का ड्राफ्ट लगभग तैयार है और जल्द ही इसे कैबिनेट में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत दिए हैं कि,"सरकारी कर्मचारी बीमारी के समय अकेले न रहें, इसके लिए सरकार ठोस व्यवस्था कर रही है। योजना अंतिम दौर में है।"
कर्मचारियों में खुशी की लहर
कर्मचारी संगठनों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। शिक्षकों, संविदा कर्मचारियों और पेंशनर्स का कहना है कि इस योजना से गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। एक कर्मचारी ने कहा,"अब इलाज के लिए कर्ज लेने या महीनों तक रीइंबर्समेंट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कैशलेस सुविधा से बड़ी टेंशन खत्म होगी।"
राजनीतिक हलचल भी तेज
जहां भाजपा इसे मोहन यादव सरकार का कर्मचारी हितैषी कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे पुरानी योजनाओं का नया नाम बताते हुए लॉन्च में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं।
लाखों परिवारों को मिलेगा सुरक्षा कवच
अगर यह योजना लागू होती है, तो यह मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अब तक की सबसे बड़ी स्वास्थ्य राहत साबित होगी। 5 से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज से लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अब सभी की नजरें सरकार की अंतिम मंजूरी और 2026 में संभावित लॉन्च पर टिकी हैं।












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