MP Higher Education: रोजगार के लिए CM मोहन यादव सरकार की नई पहल, कॉलेज कैंपस को बनाएंगे जेंडर-सेफ और जॉब-रेडी
MP News Higher Education: मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने इतिहास रच दिया। संयुक्त राष्ट्र की संस्था UN Women (United Nations Entity for Gender Equality and the Empowerment of Women) के साथ पहली बार किसी भारतीय राज्य ने शिक्षा क्षेत्र में इतना बड़ा MoU साइन किया है।
यह समझौता सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि अगले 3 साल में प्रदेश के सभी सरकारी-गैर-सरकारी कॉलेजों को "जेंडर-सुरक्षित, स्किल-बेस्ड और जॉब-रेडी" बनाने का ब्लूप्रिंट है।

MoU पर हस्ताक्षर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुए। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा तृप्ति शर्मा और UN Women की कंट्री रिप्रेजेंटेटिविव सुजैन डोरोथिया ने दस्तखत किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल जुड़े और कहा, "यह सिर्फ एक MoU नहीं, मध्य प्रदेश की बेटियों के भविष्य का रोडमैप है। हम कॉलेजों को ऐसा बनाएंगे कि हर छात्रा सुरक्षित महसूस करे, आधुनिक स्किल सीखे और प्लेसमेंट लेकर निकले।"
MoU की 7 सबसे बड़ी बातें - जो बदल देंगी MP के कॉलेज
1. जेंडर-सुरक्षित कैंपस
- हर कॉलेज में Internal Complaints Committee को मजबूत करना।
- CCTV, लाइटिंग, गार्ड और इमरजेंसी हेल्पलाइन।
- सभी फैकल्टी-स्टाफ को जेंडर सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग (अनिवार्य)।
2. आधुनिक स्किल ट्रेनिंग
- डिजिटल लिटरेसी, AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स, सॉफ्ट स्किल जैसे फ्यूचर कोर्स हर कॉलेज में।
- UN Women पहली बार किसी राज्य के सिलेबस में सीधे सहयोग कर रही है।
3. इंटर्नशिप + प्लेसमेंट गारंटी
- निजी कंपनियों से टाई-अप।
- हर साल 50,000+ छात्राओं को इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप।
- "Placement Cell" को प्रोफेशनल बनाना।
4. नेतृत्व और आत्मविश्वास कार्यक्रम
- "She Leads" नाम से लीडरशिप वर्कशॉप।
- मेंटरशिप प्रोग्राम - सफल महिलाओं से सीधा संवाद।
5. सुरक्षा ऐप और हेल्पलाइन
- कॉलेजों में "Sakhi One-Stop Centre" से लिंकेज।
- 24×7 हेल्पलाइन और SOS बटन।
6. CSR और इंडस्ट्री पार्टनरशिप
- TCS, Infosys, Wipro जैसी कंपनियों से लैब और ट्रेनिंग।
- हर जिले में कम से कम 1 "Women Skill Hub"।
7. 3 साल + 2 साल एक्सटेंशन
- MoU 3 साल का, जरूरत पड़ी तो 2 साल और बढ़ेगा।
- हर साल रिव्यू और रिपोर्ट UN Women को।
पहले साल का लक्ष्य: 2026 तक क्या होगा?
- - 200 कॉलेजों में जेंडर सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग पूरी।
- - 50,000 छात्राओं को डिजिटल स्किल सर्टिफिकेट।
- - 25,000 इंटर्नशिप और 10,000 प्लेसमेंट।
- - 100 कॉलेजों में "Safe Campus Certification"।
UN Women की कंट्री हेड ने क्या कहा?
UN Women की सुजैन डोरोथिया ने कहा, "मध्य प्रदेश पहला राज्य है जिसने शिक्षा में जेंडर इक्वालिटी को इतनी गंभीरता से लिया। यह मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।"
कांग्रेस ने भी सराहा, लेकिन सवाल उठाए
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "योजना अच्छी है, लेकिन 7 साल में लड़कियों की संख्या 56 लाख क्यों घटी? पहले उसका जवाब दें।" भाजपा ने जवाब दिया, "कांग्रेस के समय कॉलेजों की हालत खराब थी। हमने बजट 5 गुना किया, अब UN Women के साथ मिलकर विश्वस्तरीय शिक्षा देंगे।"
मध्य प्रदेश की बेटियां अब होंगी सशक्त, सुरक्षित और स्किल्ड
यह MoU सिर्फ कागज नहीं, बल्कि 5 लाख से अधिक कॉलेज छात्राओं के भविष्य का नया अध्याय है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का दावा है कि 2028 तक मध्य प्रदेश "महिला सशक्तिकरण और स्किल हब" के रूप में जाना जाएगा।
वनइंडिया हिंदी इस ऐतिहासिक पहल पर नजर रखेगा।
MP की बेटियां अब तैयार हैं उड़ान भरने के लिए!
(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी, भोपाल ब्यूरो)












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