MP: टल सकते हैं मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव, कैबिनेट ने प्रस्ताव पास कर राज्यपाल को भेजा
भोपाल, 26 दिसंबर: मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव टल सकते हैं। शिवराज कैबिनेट ने पंचायत चुनाव निरस्त कराने के लिए मुहर लगा दी है। इसका प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल के पास भेजा गया है। मध्य प्रदेश कैबिनेट द्वारा प्रदेश में पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 9 (क) के अंतर्गत होने वाले पंचायत चुनाव के अध्यादेश को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर महामहिम राज्यपाल को भेजने का निर्णय लिया है। इसी अध्यादेश के आधार पर मध्य प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन अब अध्यादेश के वापस लिए जाने पर राज्य निर्वाचन आयोग के पास चुनाव कराने का आधार नहीं रहा।
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राज्यपाल द्वारा प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव निरस्तीकरण के लिए निर्देश दे सकते हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार पंचायत राज्य संशोधन अध्यादेश वापस ले रही है। इस पर विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत होना था, लेकिन नहीं हो सका। अब सरकार राज्यपाल से इस अध्यादेश को वापस करने का प्रस्ताव देंगे।
ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह चौहान ने कहा, ''कांग्रेस ने शुरू से ही पंचायत चुनाव में बखेड़ा खड़ा करने की कोशिश की। कांग्रेस के लोगों ने कोई ऐसी अदालत नहीं छोड़ी, जहां वे पंचायत चुनाव के विरोध में नहीं गए। हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री शुरुआत से ही इस बात को लेकर प्रतिबद्ध थे कि बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव ना हो। सदन में अपरिहार्य कारणों से संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया और सुप्रीम कोर्ट का भी जो आदेश था उसे मानने करते हुए इस अध्यादेश को महामहिम राज्यपाल को वापस करने का प्रस्ताव पारित किया है।''
निर्वाचन आयोग करेगा फैसला
चौहान ने कहा कि अध्यादेश को पारित किए बिना ओबीसी आरक्षण और परिसीमन नहीं किया जा सकता है। अब आगे की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि चुनाव कराना या ना कराना निर्वाचन आयोग को फैसला करना है। सरकार ने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है।












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