MP News: मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक, भोपाल के भौंरी में सोलर एनर्जी के लिए 21.494 हेक्टेयर जमीन आरक्षित
Bhopal News: मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिसमें राज्य में सोलर एनर्जी के विकास को बढ़ावा देने और विकसित भारत 2047 के लिए योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोलर पावर की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
भोपाल जिले के भौंरी क्षेत्र में 21.494 हेक्टेयर जमीन को सोलर एनर्जी परियोजनाओं के लिए आरक्षित किया गया है। यह कदम राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सोलर एनर्जी के लिए भूमि आरक्षण
कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश में सोलर पावर के विस्तार के लिए विशेष पहल की गई। मुरैना जिले में सोलर पावर स्टोरेज कैपेसिटी डेवलप करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, नर्मदापुरम जिले के बाबई में 214 एकड़ जमीन पहले से सोलर एनर्जी के लिए आरक्षित की गई थी, जिसे अब 311.44 एकड़ और अतिरिक्त आरक्षित किया गया है। इसके अलावा, भोपाल जिले के भौंरी में भी 21.494 हेक्टेयर जमीन को सोलर एनर्जी परियोजनाओं के लिए आरक्षित किया गया है। यह पहल राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भूमि पूजन 7 दिसंबर को
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के पहले इन भूमि आरक्षणों की तैयारियां की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं का भूमि पूजन 7 दिसंबर को किया जा सकता है, जो मध्य प्रदेश में सोलर एनर्जी के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

प्रधानमंत्री के सुशासन लक्ष्य को लेकर बैठक
कैबिनेट बैठक के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में अधिक से अधिक दौरे करें और गुड गवर्नेंस के तहत कार्य करें। उन्होंने कहा कि आम आदमी तक सरकार की पहुंच सुनिश्चित करना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि राज्य में सुशासन का वातावरण बन सके। पीएम नरेंद्र मोदी के सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार को मिलकर काम करना होगा।
विकसित भारत 2047 के लिए योजना
कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बैठक के बाद जानकारी दी कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक विशेष समिति बनाई है, जो राज्य के विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करेगी। यह डॉक्यूमेंट मध्य प्रदेश के विकास को लेकर विस्तृत योजना प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नवाचार और आधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल में मध्य प्रदेश को अग्रणी बनाना है। इस दिशा में सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।
सभी विभागों को एकजुट होकर काम करने की जरूरत
सीएम डॉ यादव ने कहा कि इस विजन डॉक्यूमेंट की समीक्षा मंत्री करेंगे और कैबिनेट में प्रस्तुत करेंगे, ताकि समग्र विकास की योजना बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि इस विजन डॉक्यूमेंट में पीएम मोदी के सपनों का मध्यप्रदेश स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, और यह देश की प्रगति में मध्य प्रदेश का योगदान सुनिश्चित करेगा।

नवाचार और तकनीकी में प्रदेश को करना है अग्रणी
कैबिनेट में चर्चा की गई कि मध्य प्रदेश में नवाचार और आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि राज्य की विकास दर में तेजी आए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि आधुनिकतम तकनीकों का समावेश करके राज्य के हर क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश भर में तीन करोड़ नए आवास बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले के बाद, मध्य प्रदेश को भी इस योजना में महत्वपूर्ण लक्ष्य मिला है। राज्य में आगामी समय में शहरी और ग्रामीण इलाकों में आवास निर्माण का कार्य तेज़ी से शुरू किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस फैसले के तहत, मध्य प्रदेश में पीएम आवास योजना 2.0 के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में आवास बनाने का कार्य किया जाएगा। शहरी इलाकों में स्वयं की भूमि पर मकान बनाने वालों को करीब ढाई लाख रुपए और ग्रामीण इलाकों में डेढ़ लाख रुपए की सहायता सरकार द्वारा दी जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में 3.50 लाख आवास
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत मध्य प्रदेश के लिए ग्रामीण इलाकों में 3.50 लाख आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी मिल गई है, और अब इस परियोजना की शुरुआत जल्द ही होगी। हालांकि, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में 15 लाख ग्रामीण परिवारों को आवास की आवश्यकता है। इस योजना के पहले चरण में जो मंजूरी मिली है, उसके बाद आगामी चरणों में अधिक आवासों के लिए और लक्ष्य भेजे जाएंगे।
शहरी और ग्रामीण दोनों में समान काम
इस योजना के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में समान रूप से काम किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जिन लोगों के पास स्वयं की भूमि है, उन्हें ढाई लाख रुपए तक की सहायता मिलेगी। वहीं, ग्रामीण इलाकों में यह राशि डेढ़ लाख रुपए तय की गई है, ताकि लोग अपने घर बना सकें और सरकार का समर्थन प्राप्त कर सकें।












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