MP News: भिंड में विधायक कुशवाह की दबंगई से सरकारी अमले में आक्रोश, जानिए खाद की कमी का मुद्दा या रेत चोरी?
भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के साथ कथित अभद्रता और धमकी देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विधायक के इस व्यवहार से जिला प्रशासन, विशेष रूप से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
कर्मचारी संगठनों ने इसके विरोध में आज जिले भर में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल मचाई है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।

खाद की कमी का मुद्दा या रेत चोरी का बहाना?
मामले की शुरुआत तब हुई जब बुधवार को विधायक कुशवाह कलेक्टर निवास पहुंचे और खाद की कमी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक ने कलेक्टर को चोर तक कह दिया और मुक्का बांधकर धमकाया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, "शासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में खाद भेजी जा रही है और इसका वितरण नियमानुसार हो रहा है। पुरानी गल्ला मंडी में कुछ लोग एक ही किसान परिवार के दो-तीन सदस्यों को लाइन में खड़ा कर कतारें लंबी दिखा रहे हैं, ताकि खाद की किल्लत का झूठा माहौल बनाया जा सके।"
इस बीच, पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "खाद की कमी का मुद्दा सिर्फ बहाना है। असल मुद्दा रेत चोरी है। जब कलेक्टर ने अवैध रेत परिवहन पर सख्ती की, तो विधायक बौखला गए।" उन्होंने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब विधायक कुशवाह ने इस तरह का व्यवहार किया हो। इससे पहले भी वह एक आईपीएस अधिकारी से उलझ चुके हैं।
विधायक की आपत्ति और कलेक्टर का जवाब
कलेक्टर ने बताया कि विधायक ने छोटे और बड़े किसानों को समान मात्रा में खाद देने पर आपत्ति जताई थी। इस पर कलेक्टर ने कहा, "यदि सौ बीघा वाले किसानों को जरूरत से ज्यादा खाद दी जाए, तो बिचौलियों के हावी होने और जिले में खाद की किल्लत बढ़ने का खतरा है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद का वितरण पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।
रेत चोरी पर सख्ती से बौखलाए विधायक?
कलेक्टर ने रेत चोरी के मुद्दे पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "जिले में अवैध रेत परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए स्थानीय राजस्व निरीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है, जो ईमानदारी से काम कर रहा है और माफियाओं पर भारी पड़ रहा है।" कलेक्टर के अनुसार, विधायक राजस्व विभाग की टीम को हटाकर माइनिंग विभाग को यह जिम्मा देना चाहते हैं, जबकि माइनिंग निरीक्षक पहले ही तीन बार हमलों का शिकार हो चुके हैं।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि विधायक के साथ कलेक्टर निवास पर आए लोगों में से अधिकांश पर रेत चोरी के मामले दर्ज हैं। "यही कार्रवाई कुछ लोगों को नागवार गुजर रही है," उन्होंने कहा।
कर्मचारी संगठनों में गुस्सा, आज विरोध प्रदर्शन
विधायक के इस व्यवहार से जिला प्रशासन के विभिन्न कर्मचारी संगठनों में भारी नाराजगी है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने विशेष रूप से इस घटना की निंदा की है और इसके खिलाफ आज जिले भर में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि विधायक का यह व्यवहार न केवल कलेक्टर के प्रति अपमानजनक है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए चुनौती है।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
इस घटना ने न केवल प्रशासनिक, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने विधायक के व्यवहार को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा, "ऐसे लोग जो अपनी दबंगई से प्रशासन को डराने की कोशिश करते हैं, वे जनता के हितों की अनदेखी कर रहे हैं।"
भिंड में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुए इस विवाद ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या यह मामला वाकई खाद की कमी से जुड़ा है, या इसके पीछे रेत चोरी जैसे गंभीर मुद्दे छिपे हैं? कलेक्टर की सख्ती और विधायक की प्रतिक्रिया ने इस मामले को और जटिल बना दिया है। अब देखना यह है कि कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन और इस मामले की आगे की जांच क्या रंग लाती है।
ब्यूरो रिपोर्ट: एलएन मालवीय














Click it and Unblock the Notifications