मध्य प्रदेश विधानसभा में लव जिहाद के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2021 पारित, कांग्रेस का हंगामा

भोपाल। लव जिहाद को रोकने के लिए मध्‍य प्रदेश विधानसभा में धार्मिक स्‍वतंत्रता विधेयक 2021 को ध्‍वनिमत से पारित किया गया है। इस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस ने विधेयक के प्रावधानों का जमकर विरोध किया। अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की स्वीकृति मिलने पर यह कानून नौ जनवरी को अधिसूचित 'मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020' की जगह लेगा।

कोरोना की वजह से हुई देरी

कोरोना की वजह से हुई देरी

पिछले साल 26 दिसंबर को शिवराज सरकार ने लव जिहाद कानून के मसौदे को मंजूरी दे दी थी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा सत्र में पेश किया जाना था, लेकिन कोरोना की वजह से उस वक्त सत्र नहीं हो सका था।

10 साल की सजा का प्रावधान

10 साल की सजा का प्रावधान

मध्य प्रदेश गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक मार्च को इस विधेयक को सदन में पेश किया था और सोमवार को चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस ने इस विधेयक का जमकर विरोध किया।इस विधेयक में बहला-फुसलाकर, धमकी देकर धर्मांतरण और जबरदस्ती विवाह करने पर 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है।

ये भी हैं प्रावधान

ये भी हैं प्रावधान

इस प्रकार के धर्मांतरण या विवाह में सहयोग करने वालों के खिलाफ मुख्य आरोपी की तरह ही न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। धर्मांतरण और इसके पश्चात होने वाले विवाह के 1 महीने पहले डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पास लिखित में आवेदन करना होगा।

बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी

बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी

नए मसौदे के प्रावधानों में धर्म परिवर्तन के अपराध में पीड़ित महिला और पैदा होने वाले बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी तय की गई है। पैदा हुए बच्चे को पिता की संपत्ति में उत्तराधिकारी के रूप में अधिकार बरकरार रखने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+