मध्य प्रदेश : हरसूद में 2392 परिवारों को 17 साल बाद मिलेंगे आवासीय भूखंडों के पट्टे
खंडवा, 28 मई। आमतौर पर राजस्व विभाग द्वारा भूमि सर्वे में जरीब के अलावा कूजे, स्केल, झंडियां, प्रकार, गुनिया, कंघी, हाथ एंगल, आफसेट छड़ी और खूंटे का उपयोग किया जाता है।

इसी तरह आधुनिक तरीकों में ईटी एसएन मशीन, प्रिज्म, ट्राई कोड, केरियर, डेस्क रेजिंग रॉड व लाइका जिओ (सॉफ्टवेयर) का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन हरसूद पुनर्वास के 2392 परिवारों को भूमि स्वामित्व देने के लिए मप्र में पहली बार आबादी, राजस्व और निजी भूमि के अतिरिक्त सटे गांवों की शहरी सीमा में आने वाली भूमि का सर्वे राजस्व विभाग सर्वे ऑफ इंडिया के सहयोग से ड्रोन द्वारा कराएगा।
अधिकारियों के मुताबिक देश में संभवत: पहली बार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आवासीय भूखंडों पर मालिकाना हक दिया जा रहा है। हरसूद छनेरा में यह ड्रोन सर्वे एक सप्ताह में शुरू होने जा रहा है। गजट नोटिफिकेशन किया जा चुका है। कलेक्टर ने भी सर्वे की उद्घोषणा जारी कर दी गई है।
सर्वे : 1500 स्केल पर बनेंगे नक्शे
राजस्व विभाग हरसूद के दलों द्वारा संपूर्ण क्षेत्र में चूना मार्किंग की जाएगी। इसके बाद सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ड्रोन से हाई रेजोल्यूशन इमेज लेकर सॉफ्टवेयर के माध्यम से 1500 स्केल पर नए नक्शे बनाएगी। इस काम में लगभग 10-15 दिन लगेंगे।
छनेरा आबादी भूमि का भी सर्वे होगा
छनेरा के वार्ड 11 से 14 में आने वाली आबादी भूमि के अतिरिक्त नई बसाहट वाले वार्ड 8,9 और 10 का भी ड्रोन से ही सर्वे किया जाएगा। यहां बता दे कि छनेरा पुरानी बस्ती में आबादी भूमि का रिकॉर्ड नहीं होने से यहां लोगों के नामांतरण, स्वामित्व जैसे मामले 50 वर्षों से अटके हुए हैं।
फ्लैश बैक
वर्ष 2004 हरसूद के विस्थापित परिवारों को 2392 आवासीय भूखंडों के अस्थाई पट्टे आवंटित किए गए।
2006-07 में विस्थापितों को स्थायी पट्टों की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा आरंभ की गई। जिसमें स्वामित्व का अधिकार नहीं था।
हरसूद की 570.74 हेक्टे. भूमि नर्मदा घाटी से वापस राजस्व विभाग के हस्तांतरण हेतु 14 मई 21 को कैबिनेट से निर्णय हुआ।
18 मई को राजस्व विभाग ने निर्णय के संदर्भ में कलेक्टर को आदेश जारी किए। 25 मई 21 को गजट नोटिफिकेशन किया।
सर्वे से पुख्ता अिभलेख तैयार होंगे
सभी निजी और शासकीय परिसंपत्तियों का सर्वे होगा। अधातन नक्शे और राजस्व अभिलेख तैयार किया जाएगा। संपत्ति के आपसी मामले का निराकरण व स्वामित्व का लाभ के संबंध में पुख्ता अभिलेख प्राप्त होंगे।
डॉ. परीक्षित झाड़े, एसडीएम, हरसूद
कब्जेधारकों पर कार्रवाई
हरसूद पुनर्वास की भूमि व रिक्त भूखंडों पर अतिक्रमणकारियों को इसका लाभ किसी भी तरह से नहीं मिल पाएगा। उनके विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
नितिन चौहान, तहसीलदार हरसूद












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