नगरी विकास विभाग के दफ्तर में पहुंचकर कैलाश विजयवर्गीय ने अफसरों चौंकाया, 330 करोड रुपए का मिला बजट
मध्य प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों के विकास के लिए 330 करोड़ रुपए की राशि जारी करने का निर्णय लिया है। इस पहल के पूर्व, वित्त विभाग ने 3 महीने के लिए जारी बजट में जीरो बजट का प्रावधान किया था।
नगरीय विकास और आवास मंत्री, कैलाश विजय वर्गीय की आपत्ति के बाद, वित्त विभाग ने जनवरी महीने के लिए 330 करोड़ खर्च करने के आदेश जारी किए हैं। आने वाले महीनों में फरवरी और मार्च के लिए भी बजट राशि जारी की जाएगी।

नगरीय विकास मंत्री विजय वर्गीय ने इस बदलाव के बाद वित्त और नगरीय विकास विभाग के अफसरों के साथ एक बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि मूलभूत राज्य वित्त आयोग, सड़क अनुरक्षण और मुद्रांक शुल्क की राशि, जो करीब एक हजार करोड़ रुपए के पास है, को जल्दी जारी किया जाए।
उन्होंने यूआईडीएफ के अंतर्गत नगरीय निकायों को अमृत योजना की पूर्ति के लिए 500 करोड़ रुपए शीघ्र जारी करने की मांग की है। इसके बाद वित्त सचिव ने इस प्रकरण में एक सप्ताह में आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।
मेट्रो रेल के लिए 350 करोड़ भी जल्दी
- मंत्री विजयवर्गीय की मौजूदगी में हुई बैठक में यह भी तय हुआ कि मेट्रो रेल के संबंध में 350 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि के लिए राज्य का अंश शीघ्र जारी किया जाए।
- बैठक में तय हुआ कि पूंजीगत मदों की योजनाओं को नगरीय निकायों द्वारा लागू करने के संबंध में मानक प्रक्रिया तय कर सभी नगरीय निकायों को जारी की जाए।
- नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शहरी अधो संरचना चतुर्थ चरण के अंतर्गत ऋण लिए जाने के संबंध में एमपीयूडीसी को अधिकृत किए जाने की स्वीकृति जल्द जारी किये जाने का आग्रह किया है।
- 552 ई-बसें छह शहरों में

विजयवर्गीय ने प्रदेश के 6 प्रमुख नगरों में नगर परिवहन सेवा को मजबूत करने के लिए नगरीय विकास विभाग ने 552 ई-बसें लागू करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को दिया है। नगरीय विकास मंत्री विजय वर्गीय ने कहा कि इस योजना में अन्य राज्यों ने गारंटी दी है, जिसे प्रदेश में भी वित्त विभाग द्वारा दी जाएगी।
बैठक में वित्त विभाग ने बताया कि नगरीय निकायों की विभिन्न शासकीय विभागों पर अधिरोपित सेवा कर राशि की सूची उपलब्ध कराई जाए। इसके आधार पर वित्त विभाग द्वारा उक्त राशि शीघ्र दिलाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को देय चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से राज्य स्तर पर कटौती नहीं की जाना चाहिए।
ऐसी व्यवस्था हो कि नगरीय निकाय बिजली बिल की राशि खुद बिजली कंपनियों को जमा कराएं। बैठक में नगरीय विकास मंत्री ने न्यू पेंशन स्कीम के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी दिए जाने के संबंध में विभागीय प्रस्ताव को वित्त विभाग द्वारा एक सप्ताह में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय ने शिवाजी नगर पालिका भवन स्थित संचालनालय का निरीक्षण कर अधिकारियों को पेंशन, प्रशिक्षण जैसे मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर अमृत योजना, मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में निर्मित हो चुके संजीवनी क्लीनिक को प्रारंभ कराने को भी कहा है।
विजयवर्गीय ने कहा कि हमारा ध्येय है कि हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की पहुंच सुनिश्चित हो। इस अवसर पर केश शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष श्री नंदकिशोर वर्मा जी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।












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