जबलपुर चर्च विवाद में नया ट्विस्ट: दिव्यांग महिला का खुला हमला – “क्रिसमस मनाती हूं, धर्म नहीं बदला”
Jabalpur Church Controversy: जबलपुर के गोरखपुर इलाके में चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे में अब नया मोड़ आ गया है। विवाद की केंद्र में रही दृष्टिबाधित दिव्यांग महिला ने BJP जिला अध्यक्ष अंजू भार्गव पर सीधा हमला बोला है। महिला ने कहा, "मैं क्रिसमस मनाती हूं, लेकिन धर्म नहीं बदला।" उन्होंने भार्गव पर "अपमानजनक व्यवहार और हाथ खींचने" का आरोप लगाया।
इस बीच, BJP ने अंजू भार्गव को शो-कॉज नोटिस जारी कर 7 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी ने कहा कि उनका व्यवहार "पदाधिकारी के अनुरूप नहीं था"। चर्च आयोजकों ने भी आरोप खारिज किए हैं।

यह विवाद शनिवार को चर्च में क्रिसमस उत्सव के दौरान शुरू हुआ था, जहां हिंदू संगठनों ने "धर्मांतरण" का आरोप लगाकर हंगामा किया था। BJP नेता अंजू भार्गव भी मौके पर पहुंचीं और दिव्यांग महिला से सवाल-जवाब किया, जो वीडियो में वायरल हो गया। वनइंडिया हिंदी की विशेष रिपोर्ट में जानिए महिला का पक्ष, BJP का नोटिस, घटना का बैकग्राउंड और राजनीतिक असर।
दिव्यांग महिला का खुला बयान: "क्रिसमस मनाती हूं, धर्म नहीं बदला"
विवाद की शिकार दिव्यांग महिला ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा:
- "मैं चर्च में क्रिसमस लंच और सामाजिक मेल-मिलाप के लिए गई थी।"
- "मेरा धर्म नहीं बदला। मैं ईसाई नहीं बनी।"
- "BJP नेता अंजू भार्गव ने मुझसे अपमानजनक तरीके से सवाल किए, हाथ खींचा और चिल्लाईं।"
- "मैं दृष्टिबाधित हूं, फिर भी मुझे इस तरह अपमानित किया गया।"
महिला ने कहा, "यह मेरी आस्था का अपमान है। मैं क्रिसमस मनाती हूं, लेकिन हिंदू ही हूं।"
चर्च आयोजकों ने भी आरोप खारिज किए: "यह क्रिसमस उत्सव था। बच्चों को खुशी के लिए बुलाया। कोई धर्मांतरण नहीं।"
BJP का शो-कॉज नोटिस: "व्यवहार अनुरूप नहीं"
- BJP जबलपुर इकाई ने अंजू भार्गव को नोटिस जारी किया:
- "आपका व्यवहार पदाधिकारी के अनुरूप नहीं था।"
- "7 दिनों में स्पष्टीकरण दें।"
- पार्टी सूत्र: "वीडियो वायरल होने से इमेज खराब हुई। जांच के बाद कार्रवाई।"
- अंजू भार्गव ने सफाई दी कि वे "धर्मांतरण की शिकायत" पर गई थीं और कोई गलत व्यवहार नहीं किया।
घटना का बैकग्राउंड: क्रिसमस उत्सव से हंगामा तक
- शनिवार को गोरखपुर के चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम था। 70 ब्लाइंड बच्चे बुलाए गए थे।
- हिंदू संगठनों को "धर्मांतरण" की सूचना मिली।
- कार्यकर्ता पहुंचे, हंगामा।
- अंजू भार्गव भी पहुंचीं, दिव्यांग महिला से सवाल।
- वीडियो में भार्गव हाथ खींचती और चिल्लाती दिखीं।
- पुलिस ने स्थिति संभाली, संदिग्ध हिरासत।
पुलिस जांच: परमिशन नहीं मिली, लेकिन धर्मांतरण का कोई सबूत नहीं।
धर्मांतरण कानून पर बहस
MP में सख्त धर्मांतरण कानून है। विपक्ष ने BJP पर "धार्मिक उन्माद" का आरोप लगाया। कांग्रेस: "महिलाओं का अपमान, BJP मौन।" BJP: "शिकायत पर गई थीं, जांच हो रही।"
आस्था का अपमान या राजनीतिक विवाद?
दिव्यांग महिला का बयान और BJP का नोटिस विवाद को नया आयाम दे रहा है। क्या यह क्रिसमस उत्सव था या कुछ और? जांच से सच सामने आएगा। वनइंडिया हिंदी अपडेट लाता रहेगा।
(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी, जबलपुर ब्यूरो।












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