पिता फिर पति की मौत, बेटी की पढ़ाई के लिए टायरों का पंक्चर बनाती है 45 साल की ये महिला
मंदसौर। दुनिया में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। हर साल '8 मार्च' को विश्वभर में मनाया जाता है। इस मौके पर हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बता रहे हैं, जो हर किसी के लिए प्रेरणा है। पिता की मौत के बाद महिला ने घर चलाने के लिए जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। ऐसा काम जिसे पुरुषों का माना जाता है कि उस काम को अपना कर 25 साल से अपना घरवालों का पेट पाल रही है।

पिता के निधन के बाद उठाई जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश की रहने वाली 45 साल की महिला पिछले करीब 25 साल से टायर पंक्चर लगाने का काम करती हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, महिला ने बताया कि उसके माता-पिता भी टायर पंक्चर लगाने का काम करते थे। पिता के निधन के बाद उसने अपनी मां का साथ इस काम में दिया। कुछ समय बाद उसके पति की भी मौत हो गई।

पति की मौत के बाद मां के साथ रहने लगी
महिला ने बताया कि पति की मौत के बाद वह अपने मायके आकर मां के साथ रहने लगी। परिवार का खर्च, बेटी की पढ़ाई के लिए उसे पंक्चर बनाने का काम करना पड़ा। पिछले करीब 25 साल से वह पंक्चर बनाने का काम कर रही है। काम के दौरान वह सूट-सलवार या साड़ी नहीं बल्कि पैंट और शर्ट पहनती है।

बेटी की पढ़ाई के लिए कर रही मेहनत
महिला ने कहा, 'जब पंक्चर लगाने के काम पर जाती हूं तो महिला होने का ख्याल नहीं आता है। मैं टायर पंक्चर लगाना अच्छे से जानती हूं, इसी वजह से मेरी जीविका चल रही है। अगर मैं काम नहीं करूंगी तो घर चलाना मुश्किल है।' महिला ने बताया कि वह अपनी दो बेटियों की शादी कर चुकी है। एक बेटी पढ़ाई कर रही है, जिसके लिए वह रात-दिन मेहनत कर रही है।












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