राजस्थान में मारा गया एमपी का कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार मलिक, गैंगवार में हुआ था घायल

राजस्थान के झालावाड़ में गैंगवार के दौरान भोपाल के फरार गैंगस्टर मुख्तार मलिक की घायल होने से मौत हो गई। उसके शव को लेकर राजस्थान पुलिस भोपाल पहुंची। मुख्तार के शव को रायसेन के गौहरगंज में दफनाया जाएगा।

भोपाल, 4 जून। राजधानी के कुख्यात बदमाश मुख्तार मलिक की राजस्थान में मौत हो गई। बता दे राजस्थान के झालावाड़ में मंगलवार-बुधवार की रात गैंगवार में फरार गैंगस्टर मुख्तार मलिक घायल हो गया था। झालावाड़ के डीएसपी गिरधर सिंह ने बताया कि मुख्तार मलिक गैंगवार में घायल होने के बाद नदी से करीब 1 किलोमीटर दूर जंगल में गंभीर घायल अवस्था में मिला। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मुख्तार मलिक का शव शुक्रवार शाम भोपाल के कोहेफिजा में प्राइड हाइट स्थित उसके घर लाया गया। मिली जानकारी के अनुसार गौहरगंज के कब्रिस्तान में मुख्तार मलिक के शव को दफनाया जाएगा।

मुख्तार मलिक कैसे बना मध्यप्रदेश का कुख्यात गैंगस्टर। और कब उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री को दी थी धमकी। नीचे पूरी खबर को विस्तार से पढ़ें।

कैसे हुआ था घायल मुख्तार

कैसे हुआ था घायल मुख्तार

बुधवार की रात मुख्तार मलिक की राजस्थान के बंटी गैंग से मुठभेड़ हुई थी। बता दे दोनों गैंग के बीच भीम सागर बांध के कैचमेंट एरिया में मछली पकड़ने को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद दोनों गैंग के लोगों ने अपनी बंदूकों से एक दूसरे पर फायर शुरू कर दिया। गैंगवार में मुख्तार मलिक और उसका एक गुर्गा विक्की वाहिद गंभीर रूप से घायल हो गया। जहां एक गुर्गे कमल की मौके पर ही मौत हो गई। और मुख्तार मलिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के मुताबिक भीम सागर बांध की नदी क्षेत्र में मछली पकड़ने का तरीका भोपाल के मुख्तार मलिक में गैंगवार के एक दिन पहले लिया था। मंगलवार देर रात मुख्तार मलिक 11 मजदूरों के साथ काश खेड़ली के पास नाव से पेट्रोलिंग कर रहा था। इसी दौरान उसकी गांव में रहने वाले मछुआरों से कहासुनी हो गई और विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। जिसमें मुख्तार मलिक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

 हाई कोर्ट ने सुनाई थी फांसी की सजा

हाई कोर्ट ने सुनाई थी फांसी की सजा

गैंगस्टर मुख्तार मलिक जी उम्र 61 साल थी। वे 21 साल की उम्र में पहली बार रेप के केस में जेल गया था यहीं से उसके अपराध की फेहरिस्त लंबी होती गई। मुख्तार मलिक पर हत्या समेत 58 गंभीर अपराधिक मामले दर्ज है। मुख्तार 1982 में सबसे पहले रेप के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। यह उसके जीवन का पहला अपराध था। भोपाल की जिला अदालत में मुन्ने पेंटर गैंग के बीच हुए गैंगवार में मुख्तार को 2006-07 में हाई कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के बाद उसे बरी कर दिया गया था। मुख्तार के खिलाफ हत्या का प्रयास, मर्डर, अपहरण और अड़ीबाजी समेत 58 अपराधिक मामले दर्ज थे।

तत्कालीन मुख्यमंत्री पटवा को दी थी धमकी

तत्कालीन मुख्यमंत्री पटवा को दी थी धमकी

बता दे मुख्तार मलिक 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को भी धमका चुका था। इतना ही नहीं उसने 1996 में फिरौती के लिए रायसेन जिले के 3 बच्चों का अपहरण भी कर लिया था। हालांकि पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर में बच्चों को छुड़ा लिया था। बता दे मुख्तार मलिक अपराध की दुनिया में 1982 से ही भोपाल में एक्टिव था।

मुख्तार मलिक का चर्चित किस्सा

मुख्तार मलिक का चर्चित किस्सा

मुख्तार मलिक का ख़ौफ़ राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश भर में था। मुख्तार के बारे में एक दिलचस्प किस्सा बताया जाता है कि 8 महीने पहले जब मुख्तार भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद था। ये मात्र एक संयोग ही था कि जिस अफसर पर 18 साल पहले मुख्तार ने अपने शूटर से गोली चलवाई थी वहीं अफसर पीडी श्रीवास्तव सेंट्रल जेल भोपाल के जेलर थे। 24 नवंबर 2003 को मुख्तार ने सेंट्रल जेल के तत्कालीन डिप्टी जेलर पीडी श्रीवास्तव पर अपने शूटर तौफीक से हमला करवाया था। जिस हमले में श्रीवास्तव बाल बाल बचे थे। बाद में खुलासा हुआ था कि गोली मुक्ता ने चलवाई थी।

यह भी पढ़ें : भोपाल की जामा मस्जिद के नीचे मंदिर होने का दावा, संस्कृति बचाओ मंच ने गृहमंत्री को दिया ज्ञापन

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+