MP News: अजब प्रेम की गजब कहानी, जानिए कैसे 5 फीट की महिला का दिल ढाई फीट के युवक पर आ गया
प्यार की कोई सीमा नहीं होती, न ऊंचाई की, न दिव्यांगता की और न ही समाज की रूढ़ियों की। यह कहानी है उज्जैन के रोहित नागमोतिया और उनकी पत्नी टीना की, जहां ढाई फीट के रोहित ने पांच फीट की टीना का दिल जीत लिया। जन्म से दिव्यांग रोहित चलने-फिरने में असमर्थ हैं, लेकिन उनके हौसले और प्यार ने सभी बाधाओं को पार कर लिया।
घर से भागकर कोर्ट मैरिज करने से लेकर परिवार की रजामंदी तक, यह जोड़ी आज खुशी से जीवन बिता रही है। उनके पास दो साल की एक प्यारी बेटी क्रियांशी भी है, जिसे टीना एक हाथ में पति और दूसरे में बेटी को गोद में लेकर घूमती है। आइए जानते हैं इस अनोखी लव स्टोरी की पूरी दास्तां।

सोशल मीडिया से शुरू हुई बातचीत, कार्यक्रमों में बढ़ी नजदीकियां
रोहित नागमोतिया (35) उज्जैन के नईपैठ इलाके में रहते हैं। जन्म से ही उनकी ऊंचाई ढाई फीट है और वे दिव्यांग हैं। चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ रोहित अपनी जिंदगी में सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। यहीं से उनकी जिंदगी में टीना की एंट्री हुई। साल 2016-2018 के बीच फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दोनों की बातचीत शुरू हुई। दोनों एक ही समाज से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए सामाजिक कार्यक्रमों में भी उनकी मुलाकातें होने लगीं। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदल गई और फिर प्यार की शक्ल लेने लगी।
रोहित बताते हैं, "मैंने कभी सोचा नहीं था कि कोई मेरी जिंदगी में आएगा और मुझे इतना प्यार देगा। टीना ने मुझे समझा, मेरी कमजोरियों को ताकत बनाया।" वहीं टीना कहती हैं, "रोहित की हिम्मत और हंसमुख स्वभाव ने मुझे खींचा। ऊंचाई या दिव्यांगता कभी मायने नहीं रखी।"
वैलेंटाइन डे पर प्रपोज, ब्लॉक करने के बाद फिर शुरू हुई बात
प्यार परवान चढ़ रहा था, लेकिन रास्ते में रुकावटें भी आईं। साल 2019 में वैलेंटाइन डे के मौके पर रोहित ने हिम्मत जुटाकर टीना को प्रपोज कर दिया। लेकिन टीना को यह पसंद नहीं आया। नाराज होकर उन्होंने रोहित को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया। रोहित निराश हो गए, लेकिन हार नहीं मानी। उन्होंने टीना को कॉल किया और माफी मांगते हुए वादा किया कि आगे से ऐसी कोई बात नहीं करेंगे।
कुछ वक्त बाद दोनों की बातचीत फिर शुरू हो गई। धीरे-धीरे टीना को रोहित का प्यार समझ आने लगा। आखिरकार टीना ने रोहित का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और उन्हें जिंदगी भर का साथी बना लिया। टीना कहती हैं, "शुरू में डर लगता था, लेकिन रोहित की सच्चाई ने मुझे जीत लिया।"
घर से भागकर कोर्ट मैरिज, फिर परिवार की रजामंदी से मंदिर में शादी
प्यार तो हो गया, लेकिन परिवार वाले कहां मानने वाले थे। जब टीना के पापा को लव स्टोरी का पता चला, तो उन्होंने सख्त विरोध किया। रोहित ने भी अपने घर पर बात बताई, तो उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा। समाज की बातें, रिश्तेदारों की चिंताएं - सब कुछ उनके खिलाफ था। लेकिन प्यार ने हिम्मत दी। 4 मई को दोनों घर से भागकर आष्टा (मध्य प्रदेश) पहुंच गए।
यहां रोहित के दोस्तों की मदद से उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। कुछ दिन आष्टा में ही रहे। फिर घर लौट आए और सबको अपनी शादी की खबर दे दी। शुरू में तो हंगामा हुआ, लेकिन धीरे-धीरे परिवार वाले समझ गए। आखिरकार सभी राजी हो गए। उनकी रजामंदी से 22 जून 2023 को उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन मंदिर में धूमधाम से शादी हुई। इस मौके पर पूरा परिवार शामिल हुआ। रोहित-टीना की जोड़ी को आशीर्वाद देते हुए सभी खुश थे।
टीना बताती हैं, "पापा पहले गुस्सा थे, लेकिन अब वे रोहित को बेटे की तरह मानते हैं। शादी के दिन मंदिर में सबकी आंखें नम थीं, लेकिन खुशी की नमी।"
एक हाथ में पति, दूसरे में बेटी: टीना की दोहरी जिम्मेदारी
शादी के बाद जिंदगी नई चुनौतियों से भरी। रोहित चलने-फिरने में असमर्थ हैं, इसलिए नहाने से लेकर कपड़े पहनाने, खाना खिलाने और दिनभर की हर दिनचर्या में टीना ही मदद करती हैं। ऊपर से दो साल की बेटी क्रियांशी का ख्याल। टीना कहती हैं, "रोहित को बच्चे की तरह रखना पड़ता है, लेकिन यह बोझ नहीं, प्यार है। बेटी होने के बाद जिम्मेदारी दोहरी हो गई।"
टीना कहीं बाहर जाती हैं तो गोद में एक तरफ बेटी क्रियांशी और दूसरी तरफ पति रोहित को लेकर चलती हैं। बाजार जाना हो, डॉक्टर के पास या कहीं घूमने - टीना दोनों का पूरा ख्याल रखती हैं। रोहित हंसते हुए कहते हैं, "टीना मेरी ताकत है। वह मुझे गोद में उठाती है जैसे मैं उसका दूसरा बच्चा हूं।"
समाज की ताने, सोशल मीडिया के कमेंट्स: लेकिन अब परिवार का साथ
यह रास्ता आसान नहीं। बाजार में लोग घूरते हैं, ताने मारते हैं। सोशल मीडिया पर अजीब-अजीब कमेंट्स आते हैं। लोग कहते हैं, "यह क्या जोड़ी है?", "कैसे संभालती होगी?" पहले परिवार वाले भी सुनाते थे, लेकिन अब नहीं। टीना कहती हैं, "लोगों की नजरें अब भी चुभती हैं, लेकिन मैं इग्नोर करती हूं। रोहित और क्रियांशी मेरी दुनिया हैं।"
रोहित सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और अपनी स्टोरी शेयर करते हैं। वे कहते हैं, "मैं चाहता हूं कि दिव्यांग लोग हिम्मत न हारें। प्यार सब जीत लेता है।"
खुशहाल जीवन और भविष्य की उम्मीदें
आज रोहित-टीना की जिंदगी खुशियों से भरी है। क्रियांशी उनकी जिंदगी की रौनक है। टीना घर संभालती हैं, रोहित ऑनलाइन काम करते हैं। दोनों का सपना है कि क्रियांशी बड़ी होकर डॉक्टर बने और समाज को बताए कि प्यार में कोई बाधा नहीं होती।
यह कहानी साबित करती है कि सच्चा प्यार ऊंचाई, दिव्यांगता या समाज की दीवारों से ऊपर उठता है। रोहित और टीना की जोड़ी न सिर्फ एक-दूसरे का सहारा है, बल्कि हजारों लोगों के लिए प्रेरणा भी। अजब प्रेम की यह गजब कहानी बताती है - दिल जब जुड़ते हैं, तो दुनिया छोटी पड़ जाती है।












Click it and Unblock the Notifications