मंडला में स्कूल यूनिफॉर्म में शराब खरीदने पहुंची छात्राओं का क्या हैं पूरा सच, जानिए, SDM का बड़ा खुलासा!
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के नैनपुर में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया। स्कूल यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्राओं ने शराब की दुकान पर पहुंचकर नशे का सामान खरीदा, और दुकानदार ने बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हें शराब बेच दी। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद एसडीएम आशुतोष ठाकुर ने दुकान का निरीक्षण किया, और मामले की पुष्टि करते हुए कार्रवाई का ऐलान किया।
आबकारी अधिकारी रामजी पांडे ने बताया कि छात्राओं की उम्र की जांच की जाएगी, और अवयस्क को शराब बेचना जीएलसी (जनरल लाइसेंस कंडीशन) का स्पष्ट उल्लंघन है। पूरा प्रकरण कलेक्टर को भेजा जा रहा है।

इस घटना ने न केवल आबकारी विभाग की लापरवाही उजागर की, बल्कि पूर्व विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने इसे 'सरकार की विफलता' करार देते हुए तीखा हमला बोला। "विद्या के मंदिर में रहने वाली बच्चियां शराब दुकान पर? यह BJP राज का काला अध्याय है!" आइए, इस शर्मनाक घटना की पूरी परतें खोलते हैं-वीडियो से लेकर जांच, राजनीतिक रंग और समाज पर असर तक।
घटना का शर्मनाक चेहरा: यूनिफॉर्म में दुकान पर छात्राएं, दुकानदार ने बेच दी शराब
नैनपुर-मंडला जिले का एक शांत कस्बा-गुरुवार दोपहर एक वायरल वीडियो की वजह से सुर्खियों में आ गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि 4-5 छात्राएं स्कूल यूनिफॉर्म (लाल-नीली साड़ी जैसी ड्रेस) पहने शराब दुकान के सामने पहुंचीं। दुकान के काउंटर पर खड़ी होकर वे शराब की बोतल खरीदती नजर आ रही हैं। वीडियो में छात्राएं सिर पर दुपट्टा डाले हैं, ताकि पहचान छिपे, लेकिन यूनिफॉर्म उन्हें अलग नहीं होने देती। दुकानदार बिना किसी पूछताछ के उन्हें शराब सौंप देता है, और वे बोतलें लेकर चली जाती हैं।
घटना नैनपुर बाजार की एक सरकारी शराब दुकान पर हुई, जो स्कूल से महज 500 मीटर दूर है। वीडियो स्थानीय सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज की। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं, लेकिन दुकानदार लाइसेंस बचाने के लिए नजरअंदाज करते हैं। बच्चियां नाबालिग लग रही थीं।" मंडला जिले में शराब की दुकानें स्कूलों के आसपास हैं, जो नशे के प्रति युवाओं को आकर्षित कर रही हैं। यह वीडियो नैनपुर के एक प्राइवेट स्कूल की छात्राओं से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने अभी कोई बयान नहीं दिया।
SDM आशुतोष ठाकुर का खुलासा: 'दुकानदार ने बच्चियों को शराब बेची, कार्रवाई होगी'
वीडियो वायरल होते ही नैनपुर एसडीएम आशुतोष ठाकुर ने तुरंत दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानदार से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज देखा और मामले की पुष्टि की। SDM ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक है। दुकानदार ने स्पष्ट रूप से अवयस्क छात्राओं को शराब बेची। हमने दुकान का स्टॉक चेक किया और लाइसेंस निलंबन की सिफारिश की है।" ठाकुर ने स्थानीय स्कूलों के प्रिंसिपल्स को नोटिस जारी किया और छात्राओं के परिवारों से बात करने का आदेश दिया।
आबकारी अधिकारी रामजी पांडे ने बताया, "छात्राओं की उम्र 18 वर्ष से कम या अधिक, इसकी जांच की जाएगी। अवयस्क को शराब बेचना जीएलसी का उल्लंघन है, जिसके लिए 3 साल की जेल और 50,000 जुर्माना हो सकता है। पूरा प्रकरण तैयार कर कलेक्टर को भेजा जा रहा है। दुकान सील हो सकती है।" पांडे ने कहा कि मंडला जिले में 150 से अधिक शराब दुकानें हैं, और अवैध बिक्री रोकने के लिए छापेमारी बढ़ाई जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि स्कूलों के पास दुकानें क्यों? स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग की मिलीभगत है।
पूर्व विधायक अशोक मर्सकोले का तीखा हमला: 'विद्या मंदिर में रहने वाली बच्चियां शराब दुकान पर? BJP राज की लापरवाही!'
इस घटना ने जल्द ही राजनीतिक रंग ले लिया। पूर्व विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "जिस समय इन बच्चियों को विद्या के मंदिर में होना चाहिए, वे अंग्रेजी शराब दुकान से बोतलें खरीद रही हैं। यह प्रदेश सरकार और आबकारी विभाग की बड़ी लापरवाही है। BJP के राज में नशा युवाओं को खा रहा है, लेकिन कार्रवाई का नामोनिशान नहीं।" मर्सकोले ने मांग की कि दुकानदार पर तत्काल FIR हो, और स्कूलों के आसपास शराब दुकानें हटाई जाएं।
कांग्रेस ने इसे 'नशे का जंगलराज' करार दिया, जबकि BJP ने कहा, "घटना की जांच हो रही है, दोषियों को सजा मिलेगी।" मंडला के कलेक्टर ने भी बयान जारी कर कहा, "सख्त कार्रवाई होगी।" लेकिन विपक्ष का आरोप है कि आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य (2025 में 15,000 करोड़) पूरा करने के चक्कर में नियम तोड़े जा रहे हैं।
मंडला जिले का काला इतिहास: नशे की गिरफ्त में युवा, स्कूलों के पास दुकानें-समाज पर असर
मंडला-जंगलराज और आदिवासी बहुल जिला-में नशे की समस्या पुरानी है। NCRB डेटा के अनुसार, 2024 में MP में नशे से जुड़े अपराध 20% बढ़े, और मंडला में 15% किशोर नशे के शिकार। नैनपुर जैसे कस्बों में शराब दुकानें स्कूलों से 200-500 मीटर दूर हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। एक NGO कार्यकर्ता ने कहा, "छात्राएं शराब खरीद रही हैं, तो समाज कहां जा रहा? परिवार टूट रहे हैं।" स्थानीय स्कूलों में काउंसलिंग शुरू करने की मांग उठी है।
जांच और कार्रवाई: उम्र जांच, दुकान सील, लेकिन सवाल बाकी
आबकारी विभाग ने दुकान का स्टॉक जब्त किया और दुकानदार को नोटिस जारी किया। छात्राओं की उम्र जांच के लिए स्कूल रिकॉर्ड चेक हो रहे हैं। कलेक्टर ने SDM को 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी। पूर्व विधायक मर्सकोले ने कहा, "कार्रवाई दिखावा न हो, सिस्टम सुधारें।" सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है, जहां लोग #BanLiquorNearSchools ट्रेंड कर रहे हैं।
नशे का 'काला अध्याय', समाज सुधार की मांग
यह घटना मंडला को आईना दिखाती है-नशे की लत युवाओं को निगल रही है। SDM ठाकुर का निरीक्षण सराहनीय है, लेकिन स्थायी समाधान जरूरी। क्या सरकार स्कूलों के आसपास शराबबंदी लाएगी? पूर्व विधायक की चेतावनी सही लग रही है-विद्या मंदिर की बच्चियां शराब दुकान पर पहुंच गईं, तो समाज का भविष्य क्या? समय कार्रवाई की मांग कर रहा है।












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