Bhopal News: गैस कांड की बरसी से पहले निकली मशाल रैली: यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के सामने इकट्ठा हुए पीड़ित
भोपाल गैस कांड की 40वीं बरसी मंगलवार को है, और इस दिन को लेकर प्रदेश में लोकल हॉलीडे घोषित किया गया है। इस भयानक त्रासदी को लेकर सोमवार को गैस पीड़ितों और उनके परिजनों से जुड़े संगठनों ने कई श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए। गैस कांड के शिकार लोग और उनके समर्थक इस मौके पर एकजुट हुए और अपनी आवाज उठाई।
सोमवार को गैस पीड़ितों से जुड़े सात से अधिक संगठनों ने मशाल रैली और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। गैस कांड के पीड़ितों और उनके परिवारों ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के सामने बने स्मारक पर इकट्ठा होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान वे लोग भी उपस्थित थे जिन्होंने इस त्रासदी के दौरान अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया और अब खुद भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
गैस कांड के शिकार लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा 40 साल बाद भी ताजे जख्मों की तरह है। इन लोगों ने अपनी संघर्ष यात्रा को जारी रखा है और इस मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ अपने हक की आवाज भी उठाई।
कई संगठनों ने किया आयोजन
इस दिन को और महत्वपूर्ण बनाने के लिए भोपाल गैस पीड़ित महिला-पुरुष संघर्ष मोर्चा, भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा, स्टेशनरी कर्मचारी संघ, और भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन जैसी संस्थाओं ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई और साथ ही गैस पीड़ितों के अधिकारों की आवाज भी उठाई गई।

दूषित पानी और गंभीर बीमारियां
भोपाल गैस कांड के पीड़ितों का दर्द केवल गैस से हुई त्रासदी तक सीमित नहीं है। गैस कांड के 40 साल बाद भी उनके सामने गंभीर समस्याएं हैं। गैस कांड के बाद फैक्ट्री के पास का क्षेत्र जहरीले कचरे से भर गया है, जिससे आसपास के पांच किलोमीटर दायरे का पानी दूषित हो गया है। शाहवर खान, भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक, ने बताया कि आज भी हजारों लोग दूषित पानी पीने के कारण गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।
इसके बावजूद सरकारी ध्यान की कमी से गैस पीड़ितों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। खान ने यह भी कहा कि सरकार को इन पीड़ितों के स्वास्थ्य के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और उनका इलाज बेहतर तरीके से करना चाहिए।
मुआवजे का सवाल
शाहवर खान ने सरकार से अपील की है कि गैस पीड़ितों को पांच गुना मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपने जीवन को बेहतर बना सकें। उनका कहना था कि गैस कांड के बाद पीड़ितों को जो मुआवजा दिया गया था, वह न केवल अपर्याप्त था, बल्कि समय के साथ उसकी कीमत भी घट गई है। उन्होंने यह भी कहा कि गैस पीड़ितों को उनकी पीड़ा के अनुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें और अपनी जिंदगी को ठीक से जी सकें।
कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा
भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन ने शाम 5.30 बजे से शाहजहानी पार्क में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें गैस कांड के शिकार लोगों और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में कैंडल मार्च निकाला गया और मोमबत्तियों के साथ मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस आयोजन में गैस त्रासदी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों की याद में शोक व्यक्त किया गया और पीड़ितों की लड़ाई को जारी रखने का संकल्प लिया गया। गैस पीड़ितों ने यह भी अपील की कि उन्हें उचित मुआवजा और इलाज के साथ न्याय मिले।
मशाल रैली और फिल्म प्रदर्शन:
इसके अलावा, भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन और अन्य संगठनों ने भी एक मशाल रैली का आयोजन किया। यह रैली यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जुड़े ओवरब्रिज (मंडी गेट) से लेकर जेपी नगर (गैस माता मूर्ति) तक निकाली गई, जहां श्रद्धांजलि अर्पित की गई और गैस कांड के पीड़ितों की आवाज उठाई गई। इस दौरान रचना ढिंगरा ने बताया कि गैस कांड से संबंधित फिल्मों को भी प्रदर्शन के रूप में दिखाया गया। इन फिल्मों ने गैस कांड के भयानक प्रभाव और पीड़ितों की निरंतर पीड़ा को उजागर किया, साथ ही यह संदेश दिया कि इस कांड के शिकार लोगों को न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
गैस कांड के बाद की स्थिति
भोपाल गैस कांड 1984 में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से गैस लीक होने की वजह से हुआ था, जिसमें हजारों लोग अपनी जान गंवा बैठे थे और लाखों लोग प्रभावित हुए थे। हालांकि 40 सालों बाद भी इस कांड के शिकार लोगों को मुआवजा, इलाज और पुनर्वास जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पाई हैं। गैस कांड के बाद से लगातार पीड़ितों और उनके परिवारों ने सरकार से उचित न्याय की मांग की है।
इन आयोजनों के माध्यम से गैस पीड़ितों ने अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि भले ही 40 साल बीत गए हों, लेकिन उनकी पीड़ा और संघर्ष खत्म नहीं हुआ है और वे तब तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।
-
PM Modi Meeting: 'Lockdown की अफवाहों पर लगाम', PM की मुख्यमंत्रियों संग ढाई घंटे चली बैठक, दिए 8 मैसेज-List -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
KBC वाली तहसीलदार गिरफ्तार, कहां और कैसे किया 2.5 करोड़ का घोटाला? अब खाएंगी जेल की हवा -
Lockdown का PM मोदी ने क्या सच में ऐलान किया? संकट में भारत? फिर से घरों में कैद होना होगा?- Fact Check -
साथ की पढ़ाई, साथ बने SDM अब नहीं मिट पा रही 15 किलोमीटर की दूरी! शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि बिखर गया रिश्ता? -
Kal Ka Mausam: Delhi-Noida में कल तेज बारिश? 20 राज्यों में 48 घंटे आंधी-तूफान, कहां ओलावृष्टि का IMD अलर्ट? -
27 की उम्र में सांसद, अब बालेन सरकार में कानून मंत्री, कौन हैं सोबिता गौतम, क्यों हुईं वायरल? -
'मेरा पानी महंगा है, सबको नहीं मिलेगा', ये क्या बोल गईं Bhumi Pednekar? लोगों ने बनाया ऐसा मजाक -
Gajakesari Yoga on Ram Navami 2026: इन 4 राशियों की बदलेगी किस्मत, पैसा-सम्मान सब मिलेगा












Click it and Unblock the Notifications