भोपाल में फिटजी कोचिंग के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर, 4 आरोपियों पर कार्रवाई
Bhopal news: भोपाल के एमपी नगर थाना क्षेत्र में फिटजी कोचिंग के संचालकों और स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कोचिंग के मुख्य परिचालन अधिकारी मनीष आनंद, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राजीव बब्बर और भोपाल ब्रांच के पूर्व सेंटर हेड सुमित श्रीवास्तव सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सभी पर छात्रों से फीस हड़पने और अन्य आरोपों के तहत कार्रवाई की गई है।

यह मामला तब सामने आया जब दो दिन पहले फिटजी कोचिंग के 20 से अधिक छात्रों के अभिभावकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि कोचिंग के संचालकों ने फीस तो जमा करवाई, लेकिन इसके बाद अचानक पढ़ाई बंद कर दी गई और फीस वापस करने से इनकार किया गया। एमपी नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
फिटजी की भोपाल ब्रांच में पढ़ाई बंद
फिटजी के भोपाल ब्रांच में पिछले 10 दिनों से पढ़ाई बंद चल रही है, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि कोचिंग की ओर से एक ओर गंभीर आरोप यह था कि छात्रों से एडवांस फीस जमा कराने के बाद भी कोचिंग सेंटर में कोई पढ़ाई नहीं हो रही थी।
शिकायत के बाद पुलिस ने कोचिंग के स्टाफ को तलब किया और जांच शुरू कर दी। डीसीपी जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने दिल्ली स्थित कोचिंग के मैनेजमेंट से भी सभी संबंधित दस्तावेजों की मांग की है। इस जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, और जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल फिटजी कोचिंग विवाद: 700 छात्रों का एडमिशन, फीस वापसी के लिए कलेक्टर ने लिया एक्शन
भोपाल की फिटजी कोचिंग ब्रांच में करीब 700 छात्रों का एडमिशन है, जहां प्रति छात्र डेढ़ से तीन लाख रुपये फीस ली जाती है। हाल ही में सामने आए धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कोचिंग के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जबकि छात्रों और उनके अभिभावकों ने फीस हड़पने के आरोप लगाए हैं। इस मामले ने अब भोपाल के कलेक्टर तक का ध्यान आकर्षित किया है।
भोपाल के कलेक्टर, कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और बच्चों की फीस वापस कराने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाने की बात की है, ताकि छात्रों और उनके अभिभावकों को न्याय मिल सके।
यह मामला तब सामने आया जब अभिभावकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें आरोप लगाया गया कि कोचिंग के संचालकों ने फीस तो ली, लेकिन 10 दिनों से पढ़ाई बंद है और फीस की वापसी के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।












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