ब्याज का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाला इंजीनियर गिरफ्तार, 108 लोगों को बना चुका शिकार
क्राइम ब्रांच पुलिस ने शातिर इंजीनियर को गिरफ्तार को किया है। आरोपी इंजीनियर ने 108 लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर उनसे ₹48 लाख रूपये की ठगी की थी।
भोपाल, 7 मई। राजधानी की क्राइम ब्रांच पुलिस नें एक ऐसे शातिर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है जो फर्जी कंपनी खोलकर भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। आरोपी ने भोपाल के NRI कॉलेज से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। इस इंजीनियर ने तीन फर्जी कंपनी खोलकर 108 लोगो को अधिक ब्याज का झाँसा देकर लगभग 48 लाख रूपये की धोखाधड़ी की है।आरोपी के खिलाफ 15 -16 आवेदकों ने थाना क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोपी ने 108 लोगों से 48 लाख रूपये की थी ठगी
जब पीड़ित अपना पैसा वापस मांगते तब आरोपी तीन साल के लिए एकाउंट होल्ड करने की धमकी देता था। आरोपी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।आरोपी तीन फर्जी कंपनियो के माध्यम से धोखाधड़ी करता था। बाद में कंपनी बंद करके भोपाल से भाग जाता था । इस तरह आरोपी ने अलग अलग नाम से कंपनी खोली और फिर लोगों को अपने झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी उत्तम मंडल MARVIHS BUSINESS SOLUTIONS PVTLTD. कंपनी के माध्याम से लोगो से साथ ठगी करता था।

कैसे हुआ खुलासा
भोपाल के सेमरा में रहने वाले युवक ने MARVIHS BUSINESS SOLUTIONS PVTLTD.के डायरेक्टर एवं उसके एजेंट सुशान मोगरे के खिलाफ भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायती आवेदन दिया जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपी को इंदौर के मालवीय नगर से गिरफ्तार किया। क्राइम ब्रांच ने पूरे मामले में धारा 420 406 और चिटफंड अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी से पूछताछ की।आवेदनकर्ता ने बताया कि आरोपी का कहना था कि PIP ACCOUNT के तहत वह पब्लिक से पैसा लेकर उसे अपने व्यवसाय मे उपयोग करेगा एवं पब्लिक को बिना किसी नुकसान के कम से कम 3.33% का हर महीने का ब्जाय देंगा चाहे परिस्थिति कैसी भी हो हम मिनिस्ट्री आफ कार्पोरेशन अफैयर से रजिस्टर कंपनी है हमारे पास ऑथॉरिटी है कि हम पब्लिक से पैसा ले सकते है। जिसका हर महीने 12% का ब्याज जमा राशि पर देने का वादा किया। लेकिन 2 महीने ब्याज देने के बाद कंपनी ने कोई ब्याज या किसी प्रकार की कोई राशि नहीं दी।

लॉकडाउन का बनाया बहाना
कंपनी के डायरेक्टर आरोपी उत्तम मंडल ने हमे यह बोलकर रूकने को कहा कि लॉकडाउन के कारण कंपनी के पास अभी पर्याप्त पैसा नही है। हमें कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा गया लेकिन न हमे पिछले एक साल से हर महीने मिलने वाला ब्याज भी नहीं मिला है औऱ न ही हमे हमारी निवेश राशि वापिस की जा रही है । अगर इनसे बार बार निवेदन करते है तो वह तीन साल के लिये एकाउंट होल्ड करने की धमकी देता था। पीड़ित ने बताया कुछ दिनो पहले मुझे यह पता चला की एमपी नगर स्थित आफिस भी बंद हो गया। आरोपी उत्तम मंडल बैतूल के सारणी का रहने वाला है और उसने एनआरआई कॉलेज से B.E की पढ़ाई की है और उसका पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है।

आखिर क्यों इतने पढ़े लिखे लोग कर रहे क्राइम
मध्य प्रदेश में आजकल पढ़े लिखे नौजवान खासतौर पर टेक्निकल फील्ड के छात्र पैसा कमाने के लिए गलत रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। अभी हाल ही में ही राजधानी में एक ग्रैजुएट इंजीनियर को पुलिस ने सट्टा खेलते हुए गिरफ्तार किया था। तो अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सच में मध्यप्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है ?या फिर जल्द पैसा कमाने के लालच में नौजवान युवक गलत रास्ते को चुन रहे हैं।












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