Bhopal News: नामांतरण, बंटवारे के पेंडिंग मामलों को लेकर कलेक्टर सिंह SDM, तहसीलदारों पर जमकर बरसे
Bhopal collector News: कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सोमवार को एसडीएम और तहसीलदारों पर खूब नाराज हुए भोपाल जिले में लंबित नामांतरण और बंटवारे के मामलों को लेकर उन्होंने इन अफसरों को चेतावनी दी है। यही नहीं, कलेक्टर ने प्यून को भेजकर तहसीलदारों के कार्यालय से 5 केसों की फाइलें बुलवाई।
कलेक्टर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि सुधर जाओ, वरना में खुली अदालत लगा दूंगा। कलेक्टर के इस सख्त रूप का असर यह हुआ कि आज मंगलवार को ही तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय में लंबित केसों की फाइलें सरकने लगी।

दरअसल, कलेक्टर इसलिए नाराज हुए क्योंकि कैसे लंबे समय से पेंडिंग पड़े हैं। कलेक्टर का कहना है कि यदि कोई नामांतरण, बंटवारा रोकना है, तब भी इस फैसले में इतनी देरी क्यों? बैठक में अवैध कॉलोनी का मामला भी उठा भोपाल जिले में एक बार फिर जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनी पर बड़ी कार्रवाई करने की कार्य योजना बनाई है। जिले में अवैध कॉलोनी और वहां काटे जा रहे बिना अनुमति के प्लाटों पर नामांतरण पर रोक लगाई जा सकती है।
इसके आगे अवैध कॉलोनी की रजिस्ट्री पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस संबंध में जिला प्रशासन के अवसर अवैध कॉलोनी की कुंडली तैयार कर रहे हैं। हाल ही में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने छह गांव में कटी रही अवैध कॉलोनी की रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगाई है। विभागीय सूत्रों की माने तो अब तक जिले में करीब डेढ़ सौ से अधिक अवैध कॉलोनीयों को चिन्हित किया जा चुका है। इनमें सबसे अधिक नीलबड़ कल खेड़ा करोड़ कोलार बैरागढ़, भौंरी, नरसिंहगढ़ और बैरसिया रोड पर है।
इन सभी कॉलोनी में जानकारी एसडीएम द्वारा जुटाए जा रही है इसके बाद इनका प्रकरण बनाकर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसडीएम द्वारा कॉलोनी में विकास अनुमति डायवर्सन टीएंडसीपी की अनुमति सहित नगर निगम की अनुमति की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि करीब 7 साल पहले अवैध कॉलोनी पर शिकंजा कसते हुए तत्कालीन कलेक्टर ने अवैध कॉलोनी और 2150 वर्ग फीट से नीचे के प्लाटों के नामांतरण पर रोक लगाई थी।
कलेक्टर ने कार्रवाई के लिए दिए निर्देश
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं। सभी एसडीएम द्वारा अमित कॉलोनी को चिन्हित किया जा रहा है। जांच के दौरान अनुमति नहीं मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
6 साल पहले लगी थी नामांतरण पर रोक
6 साल पहले तत्कालीन कलेक्टर ने अवैध कॉलोनी में नामांतरण करने पर रोक लगाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने अवैध कॉलोनी में रजिस्ट्री वाले प्लॉट का नामांतरण करने का आदेश दिया। जिसके बाद से नामांतरण शुरू कर दिए गए थे। वहीं रोक के कारण शहर में होने वाले रजिस्ट्रियों की संख्या में भी कमी आई थी। इससे शासन को लाखों रुपए के राजस्व की हानि हुई थी।












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