रीवा: पैरों से लिखकर बना मेधावी छात्र, CM के आश्वासन के बाद भी नहीं मिली अब तक मदद
रीवा,
13 सितंबर। बचपन से दिव्यांग होने के कारण हौसला नहीं हारे कृष्ण कुमार बचपन से दोनों हाथ ना होने के बाद भी वह पढाई करते और लिखाई अपने दोनों पैरों से करते थे एमपी बोर्ड परीक्षा में 82% अंक प्राप्त किया था कृष्ण कुमार का कहना है कि मेधावी छात्र होने के बाद भी उन्हें शासन से कोई लाभ नहीं मिला है जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह ने आश्वासन दिया था। उसका कहना है कि पहले तो भगवान ने उसके साथ मजाक किया है, और अब सरकार उसका मजाक उड़ा रहे है। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
दोनों पैर के सहारे करता है अपनी पढ़ाई लिखाई
कृष्ण कुमार के दोनों हाथ बचपन से ही नही है। वह चल-फिर और बोल तो सकता है लेकिन हाथ न होने से वह लिखाई करने के लिए अपने दोनों पैरों का इस्तेमाल करने लगा और इसमें वह कामयाब हो गया। पैरों के सहारे लिखाई करके उसने बोर्ड परीक्षा में 82% अंक प्राप्त किया था। कृष्ण कुमार का कहना है कि मेधावी छात्र होने के बाद भी उसे शासन से कोई लाभ नहीं मिला है।

शिवराज शिवराज ने नहीं किया वादा पूरा
कृष्ण कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में वह मेधावी छात्र बना था, तब सीएम शिवराज ने उसके आगे की पढ़ाई और सभी तरह की सुविधाओं के लिए आश्वासन दिया था। वह अपने आगे की पढ़ाई किसी तरह से कर रहा, लेकिन सीएम शिवराज के द्वारा दिए गए वादे का उसे कोई लाभ आज तक नहीं मिला।

रोजगार की जरूरत
कृष्ण कुमार रीवा कलेक्टर से मिलने उनके ऑफिस पहुंचा था। जहां उसने पत्रकारों से चर्चा करते हुए अपना दर्द बयां किया वहीं जिला डीएम से रोजगार एवं पढ़ाई की सुविधा की मांग किया है। कृष्ण कुमार का कहना है कि शासन-प्रशासन अगर उसे कोई रोजगार मुहैया कर दे तो वह अपना घर चलाने के साथ ही आगे की पढ़ाई भी कर पाएगा, अन्यथा उसके सपने अब चूर-चूर हो रहे है, और दूर दूर तक अंधेरा नजर आ रहा है।

मनोज पुष्प, कलेक्टर रीवा ने दी जानकारी
कृष्ण कुमार नामक दिव्यांग ने आवेदन दिया है। मध्य प्रदेश सरकार की जो योजनाएं है, उसके तहत उसे सभी सुविधा मुहैया कराई जाएगी।












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