‘MP News: घंटा विवाद से सस्पेंशन तक, मंत्री विजयवर्गीय की आपत्ति पर देवास SDM पर गिरी गाज
Devas SDM: देवास जिले में प्रशासनिक हलकों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी-एसडीएम के साथ उनके रीडर और सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी पद से हटा दिया गया है। यह फैसला कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कड़ी आपत्ति और हस्तक्षेप के बाद सामने आया है।

पूरा मामला एक ऐसे आदेश से जुड़ा है, जिसकी भाषा, तथ्य और संवेदनशीलता-तीनों पर सवाल खड़े हुए और नतीजा सीधे प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में सामने आया।
एक आदेश बना विवाद की जड़
दरअसल, एसडीएम आनंद मालवीय ने अपने एक आधिकारिक आदेश में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित अपशब्दों का उल्लेख किया था। आदेश में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर मंत्री विजयवर्गीय ने तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि निरंकुशता की मानसिकता को भी दर्शाता है।
मंत्री विजयवर्गीय ने साफ शब्दों में कहा- "लोक सेवक जनता और जनप्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह होते हैं। किसी भी अधिकारी का इस तरह का व्यवहार अमानवीय है और स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।" मंत्री की नाराज़गी के बाद यह मामला सीधे उच्च प्रशासनिक स्तर तक पहुंचा।
आंकड़ों की बड़ी चूक ने बढ़ाई गंभीरता
मामला तब और गंभीर हो गया, जब एसडीएम के आदेश में तथ्यों की भारी त्रुटि सामने आई। जहां शासन स्तर पर इंदौर के भागीरथपुरा प्रकरण में 4 मौतों की आधिकारिक जानकारी दर्ज थी, वहीं एसडीएम के आदेश में 14 मौतों का उल्लेख कर दिया गया।
संवेदनशील विषय पर इस तरह का विरोधाभास प्रशासन के लिए गंभीर लापरवाही माना गया। सवाल उठे कि- क्या आदेश जारी करने से पहले तथ्यों का परीक्षण किया गया? क्या संवेदनशील मामले में जल्दबाजी दिखाई गई? इन्हीं बिंदुओं ने निलंबन की कार्रवाई को और मजबूत आधार दे दिया।
निलंबन आदेश में क्या कहा गया
देवास कलेक्टर कार्यालय से जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि- "एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर विषय पर बिना समुचित परीक्षण के, गलत आंकड़ों के साथ आदेश जारी किया गया। यह कृत्य पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता एवं अनियमितता को दर्शाता है।"
आदेश में यह भी कहा गया है कि यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि में कहां रहेंगे आनंद मालवीय
- प्रशासनिक आदेश के अनुसार-
- एसडीएम आनंद मालवीय
- निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय: आयुक्त कार्यालय, उज्जैन संभाग
- नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा
- सहायक ग्रेड-3 (रीडर) अमित चौहान
- मुख्यालय: तहसील कार्यालय, सोनकच्छ
- देवास को मिला नया प्रभारी SDM
निलंबन के बाद प्रशासन ने देवास में वैकल्पिक व्यवस्था भी तत्काल कर दी है। प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अभिषेक शर्मा को देवास का नया प्रभारी एसडीएम नियुक्त किया गया है, ताकि प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।
प्रशासनिक हलकों में स्पष्ट संदेश
इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक गलियारों में एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। संवेदनशील मामलों में-
- आदेश की भाषा
- तथ्यों की सटीकता
- और प्रशासनिक मर्यादा
- इन तीनों में किसी भी तरह की चूक अब भारी पड़ सकती है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की सख्त प्रतिक्रिया और संभाग आयुक्त आशीष सिंह की त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि असंवेदनशीलता और लापरवाही पर अब सीधा एक्शन तय है।
देवास एसडीएम आनंद मालवीय का निलंबन महज एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है।
शब्दों की मर्यादा और तथ्यों की जिम्मेदारी-दोनों से समझौता अब संभव नहीं है। अब निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।












Click it and Unblock the Notifications