नागों की अदालत, सांप को सताने वाले हो जाते हैं दोषमुक्त, नाग पंचमी पर होती है लाखों की भीड़
श्रीराम रसिया धाम सीहोरा खुर्द में नाग पंचमी के अवसर पर नागों की अदालत लगती है। ऐसी मान्यता है कि इस अदालत में आने वाला कोई भी इंसान बिना न्याय के वापस नहीं जाता है।
भोपाल,3 अगस्त। मध्य प्रदेश के रायसेन में नाग पंचमी पर नागों की अदालत लगती है। जहां बिना दलील, वकील और बिना गवाह के न्याय मिलता है। रायसेन जिले के गैरतगंज में स्थित है श्रीराम रसिया धाम सीहोरा खुर्द में नाग पंचमी के अवसर पर नागों की अदालत लगती है। ऐसी मान्यता है कि इस अदालत में आने वाला कोई भी इंसान बिना न्याय के वापस नहीं जाता है। तो कैसे मिलता है यहां पर न्याय और क्या होता है नाग पंचमी यहां पर ? नीचे विस्तार से पढ़ें पूरी खबर..

पुरानी मान्यता के अनुसार श्रीराम रसिया धाम पहुंचते है लोग
गैरतगंज के श्रीराम रसिया धाम सीहोरा खुर्द में पुरानी मान्यता है कि जिन लोगों ने पहले कभी सांप के जोड़े को परेशान किया या फिर किसी नाग नागिन को सताया है,तो ऐसे लोगों को अक्सर सपने में नाग नागिन दिखाई देते हैं। इसे लोग समझते हैं कि उन्होंने सांप को सताया था इसलिए वे सपने में आ रहा है और उन्होंने सांप को सताने का पाप किया है। इसी दोष से मुक्ति पाने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग नाग पंचमी पर लगने वाले श्रीराम रसिया धाम सीहोरा खुर्द पहुंचते हैं।

रसिया धाम सीहोरा खुर्द में कैसे मिलता है न्याय ?
श्रीराम रसिया धाम सीहोरा खुर्द में पहुंचने वाले लोग बताते हैं कि जिन्होंने कभी भूल से सांप को मार दिया या फिर सताया है। ऐसे लोग वहां पर जाकर सांप की भांति व्यवहार करते हैं। और पंडा जी से झड़वाते हैं। और फिर सांप की तरह लेट कर अपने आप को दंड देते हैं। जिससे वो सांप को मारने के दोष से दोषमुक्त हो सके। लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका ये स्थान हर साल नाग पंचमी पर भीड़ से खचाखच भर जाता है।

दोषमुक्त होने के बाद
सांप के जोड़े में से सांप को मारने वाले लोग अक्सर इस डर में जीते हैं कि नागिन आकर उनसे बदला ना ले। इसी वजह से उन्हें अक्सर नाग नागिन सपने में दिखाई देते हैं, लेकिन श्रीराम रसिया धाम सीहोरा खुर्द में नाग पंचमी पर ऐसे लोगों के पहुंचने पर वह लोग इस दोष से छुटकारा पा लेते है। रवि रजक बताते हैं कि उनके परिवार में ऐसी ही एक घटना हुई थी। जहां उन्हें बार-बार सांप दिखाई दे रहा था, लेकिन यहां पूजा करने के बाद से उनको सपने में सांप दिखाई देना बंद हो गया।

वैज्ञानिक दृष्टि से इस अदालत का सच
मनोचिकित्सक डॉ नीलेश बताते हैं कि अक्सर लोग कई बार ऐसी घटना कर जाते हैं, जिनका उनको पछतावा होता है। उसमें सांप मारना या किसी अन्य जानवर को मारना भी शामिल होता है। और ऐसी चीजें अक्सर दिमाग में बैठ जाती हैं। यानी ब्रेन की लोंग टर्म मेमोरी में स्टोर हो जाती है। और जब कभी हम उस घटना को फील करते हैं, तो हमें रात में सपनों में वही घटना दिखाई देने लगती है या उससे जुड़ी काल्पनिक बातें हमारे मस्तिष्क में आकर हमको परेशान करती हैं। यही नाग-नागिन का दोष होता है। श्रीराम रसिया धाम सीहोरा खुर्द में जाने वाले लोग उस स्थान की मान्यता पर विश्वास करते हैं, इसलिए जब भी पूजा करते हैं तो उसके बाद उनके ब्रेन में स्टोर ये घटना लॉन्ग टर्म से बिन मेमोरी में चली जाती है। जिसे लोग दोषमुक्त समझ लेते हैं।












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