Bhopal News: कोलार में 7 करोड़ रुपए की लागत से बनी नहर 10 दिन में धंसी, ऊपर डाला सरिया, नीचे डाली मिट्टी
Bhopal Kolar News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में 7 करोड़ रुपए की लागत से बनी नहर 10 दिन में धंस गई। बता दे गेहूं खेड़ा से लेकर हिनोतिया आलम तक निकलने वाली नहर को पक्का किया जा रहा है। करीब 10 दिन पहले बनी यह नहर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात अचानक धंस गई।
पक्की नहर का करीब 50 फीट एरिया अपने आप ही धंस गया। प्रियंका नगर के रहने वाले सुरेंद्र पाल ने इस भ्रष्टाचार का मामला बताया है। रेवासियों का कहना है कि यहां पर निर्माण एजेंसी ने सिर्फ दिखावे के लिए नहर के ऊपरी हिस्से में लोहे की छड़े लगा दी हैं, जबकि निचले वाले एरिया में काली मिट्टी डाली गई है। नीचे के स्थान का निर्माण सही तरीके से नहीं किया गया है, इस कारण यह पक्की नहर धंस गई है।

अब इस मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग तत्काल जांच करने की बात कह रहा है। गौरतलब है कि करीब 1 साल पहले जल संसाधन विभाग ने नहर को पक्का करने के लिए करीब 7 करोड़ 4 लाख रुपए का टेंडर निकला था। इसके बाद इस काम को लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया था। कोलार के गेहूंखेड़ा, प्रियंका नगर चीचली गांव हिनोतिया आलम में यह काम हो रहा है।
बता दे यह एरिया हुजुर्ग विधानसभा क्षेत्र में आता है यहां से भाजपा के हिंदुत्ववादी नेता रामेश्वर शर्मा विधायक है, जो कि इस बार करीब 95 हजार से अधिक मतों से चुनाव जीते हैं। हालांकि भाजपा विधायक द्वारा समय-समय पर निर्माण कार्यों की जांच की जाती है। लेकिन इस कार्य में कैसे लापरवाही हुई ये एक बड़ा सवाल है? इसे लेकर वन इंडिया ने जब अधिकारियों से जवाब मांगा तो अजीबोगरीब उत्तर मिले।

जिम्मेदार अधिकारियों ने ये कहा
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री अधिकारी नितिन कोहिकर ने बताया कि कोलार में पक्की नहर को बनाने का काम लोक निर्माण विभाग कर रहा है। काम में गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच कराएंगे। जबकि लोक निर्माण विभाग के डीके शर्मा ने कहा कि मैं अभी सीएम की विशेष ड्यूटी पर लगा हूं। यदि पक्की नहर धंस गई है, तो मैं तत्काल इसे दिखवाता हूं और गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जांच भी कराएंगे।
भोपाल में पहली बार हो रहा है यह प्रयोग
बता दे जल संसाधन विभाग के अनुसार कोलार में सड़क निर्माण के लिए जगह चाहिए थी। साथ ही खुली नेहरों में लगातार गंदगी होती थी। इस कारण यह प्रयोग किया जा रहा है। इसके बाद यह काम प्रदेश के दूसरे जिलों में भी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पाइपलाइन से नहर का पानी सप्लाई होने से पानी की चोरी पर भी रोक लगेगी। गंदगी या खुली गंदगी सीधे नहर के पानी में नहीं मिल सकेगी।












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