भाजपा सरकार बनने पर मंत्रिमंडल में 33% महिलाओं को मिल सकती है जगह, जानिए इसके पीछे की वजह
Bhopal News: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद अब पूरे देश में राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस बीच मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल में 33% महिलाओं की भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान सामने आया है। सीएम शिवराज ने कहा कि विधानसभा चुनाव हो या मंत्रिमंडल सब में महिलाओं का प्रतिशत पहले से ज्यादा दिखाई देगा।
बता दे राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जब पत्रकार ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल किया कि अपने पुलिस भर्ती में 33% महिलाओं को आरक्षण दिया और अब सांसद ने भी महिला आरक्षण का बिल पास कर दिया है तो मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल में कब 33% महिलाओं की भागीदारी देखने को मिलेगी। इसके जवाब में सीएम शिवराज ने कहा कि आगे से पूरा प्रयास होगा कि जहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है, वहां संख्या बढ़ाई जाएगी। चाहे वह मंत्रिमंडल हो या फिर विधानसभा के चुनाव।

सीएम शिवराज ने कहा कि एमपी देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने निकाय चुनावों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। गिरते सेक्स रेश्यो को संभालने के लिए लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की। उन्होंने कहा कि हम पुलिस की भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं, जिसे 35 प्रतिशत तक ले जाएंगे। महिलाओं के लिए स्टाम्प शुल्क में कटौती की है। लाडली बहना योजना में हम 1.32 करोड़ बहनों को 1250 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं, जिसे 3000 रुपये तक ले जाएंगे।
शिवराज ने कहा कि भाजपा की सरकार ने जनता की जो सेवा की है, उसके कारण उसे जन आशीर्वाद यात्राओं में जनता का भरपूर समर्थन मिला है। इन यात्राओं को अभूतपूर्व सफलता मिली है, जिसके लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता का आभार जताता हूं। जिसका नेता पहियों वाला सूटकेस सिर पर रखे, उस पार्टी का क्या होगा?
यह रही पिछले कुछ चुनावों की स्थिति
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ विधानसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी है, लेकिन पुरुषों की तुलना में यह काम बढ़ पाई है। पिछले विधानसभा चुनाव में 255 महिलाओं ने अपना भाग्य आजमाया था, जबकि पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 2644 थी। प्रतिशत के अनुसार सबसे ज्यादा महिलाओं ने चुनाव साल 2003 में लड़ा था। उस वक्त प्रदेश में कुल उम्मीदवारों की संख्या 2171 थी, जिनमें से 199 महिलाएं और 1972 पुरुषों ने चुनाव लड़ा था। यह अब तक के सबसे ज्यादा 9.17 प्रतिशत था। इसके बाद पिछले चुनाव में पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं का चुनाव लड़ने का प्रतिशत 8.8 रहा।
पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल को पास कराकर दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया: तोमर
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हाल ही में जी - 20 सम्मेलन हुआ था, उसके घोषणा पत्र में महिलाओं पर एक बड़ा पैरा सर्वसम्मति से शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति को पास कराकर पूरी दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। तोमर ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन प्रधानमंत्री जी ने विश्वकर्माओं के लिए योजना शुरू की है। हाथ के हुनर वाले कारीगरों की संख्या ज्यादा नहीं है। मोदी जी ने इन छोटे कारीगरों को योजना के माध्यम से न सिर्फ आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनके हुनर को उन्नत बनाने और उनके प्रति लोगों के मन में सम्मान पैदा करने का काम भी किया है।












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